
नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में तनाव के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान द्वारा भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोले जाने के बाद 42 हजार टन एलपीजी लेकर ‘जग वसंत’ टैंकर सुरक्षित भारत पहुंच गया है। यह टैंकर गुजरात के कांडला पोर्ट पर पहुंचा, जिससे देश में गैस आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कांडला पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, इस गैस को मिड-सी ट्रांसफर तकनीक के जरिए उतारा जाएगा। इस प्रक्रिया में समुद्र में ही गैस को दूसरे सिस्टम में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जिससे समय की बचत होती है और सप्लाई जल्दी शुरू हो पाती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के बीच इस खेप का आना भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांडला पोर्ट देश के प्रमुख ऊर्जा आयात केंद्रों में से एक है, जहां से एलपीजी को विभिन्न राज्यों में भेजा जाता है।
इससे पहले अब्बास अराघची ने घोषणा की थी कि भारत सहित कुछ मित्र देशों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला गया है। उनके अनुसार भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जा रहा है।
गौरतलब है कि हालिया तनाव के बावजूद भारत के कई महत्वपूर्ण तेल और गैस टैंकर सुरक्षित बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की आपूर्ति से आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी उपलब्धता स्थिर बनी रहेगी और बाजार में दबाव कम होगा।

