छत्तीसगढ़राज्य

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: जगदलपुर में आज से एथलेटिक्स का रोमांच शुरू

Khelo India Tribal Games 2026: Athletics Excitement Begins Today in Jagdalpur

रायपुर,30 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर के केंद्र बस्तर में सोमवार से खेलों का एक नया इतिहास लिखा जाने वाला है। ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ के प्रथम संस्करण के तहत रायपुर में हुए भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल प्रेमियों की नजरें जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर पर टिकी हैं, जहाँ 30 मार्च से एथलेटिक्स की रोमांचक स्पर्धाएं शुरू होने जा रही हैं। इस आयोजन का शुभंकर ‘मोर वीर’ जनजातीय युवाओं के अदम्य साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व कर रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुरू हुआ यह महाकुंभ अब अपने सबसे प्रतीक्षित चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 443 प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे।
बस्तर में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कुल 17 विधाएं शामिल हैं, जिनमें 100 मीटर की फर्राटा दौड़ से लेकर 10,000 मीटर की लंबी दूरी की रेस, हर्डल्स, रिले रेस, और ऊँची व लंबी कूद जैसी श्रेणियाँ आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पहले ही दिन डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स जैसे फाइनल मुकाबले देखने को मिलेंगे। शाम होते-होते 400 मीटर और रिले रेस के रोमांच के बीच विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान किए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान एथलेटिक्स में कुल 102 पदकों के लिए खिलाड़ी पसीना बहाएंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 33 स्थानीय खिलाड़ी भी राज्य का मान बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन को ‘खेलो इंडिया’ के अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में खिलाड़ियों के आवास के लिए शहर के 13 प्रमुख होटलों को चिन्हित किया गया है, जबकि उनके आवागमन के लिए एसी वाहनों की सुविधा सुनिश्चित की गई है। सुरक्षा, चिकित्सा और अग्निशमन की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यटन विभाग द्वारा आगंतुक खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स को बस्तर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे खेल के साथ-साथ यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य और अनूठी संस्कृति से भी रूबरू हो सकें। भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित यह स्पर्धा न केवल जनजातीय प्रतिभाओं को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगी, बल्कि बस्तर की वैश्विक छवि को एक खेल गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगी।

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