छत्तीसगढ़राज्य

सर्वाधिक परिवारों को रोजगार, सर्वाधिक मानव दिवस का रोजगार सहित सर्वाधिक दिव्यांगजनों को रोजगार देने के मामले में कबीरधाम प्रदेश में प्रथम स्थान पर

Kabirdham ranks first in the state in terms of providing employment to the highest number of families, generating the maximum number of human-days of work, and providing employment to the highest number of persons with disabilities.

रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत कबीरधाम जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना का बेहतर क्रियान्वयन कर कई उपलब्धियां हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में कबीरधाम जिले ने ग्रामीणों को सर्वाधिक मानव दिवस का रोजगार देने, सर्वाधिक परिवारों को रोजगार, सर्वाधिक दिव्यांग जनों को रोजगार देने सहित अनेको पैरामीटर पर कई उपलब्धियां अपने नाम की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा लगातार विभागीय समीक्षाओं के दौरान शासकीय योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने प्रोत्साहित किया जाता रहा है। और आज इसी का परिणाम है कि कबीरधाम जिले ने मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में एक बार फिर अपना नाम प्रथम पंक्ति में स्थापित किया है।
कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा ने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए निरंतर समीक्षा की गई। ग्राम पंचायतो की मांग पर बहुत से निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए और कार्य प्रारंभ कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वनांचल क्षेत्र से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बड़ी मात्रा में निर्माण कार्य चल रहे हैं। समय पर मजदूरी भुगतान हो यह सुनिश्चित किया गया। वर्तमान में ग्रामीणों के लिए पर्याप्त मात्रा में रोजगार उपलब्ध है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 हजार 466 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार मिला है और वे आर्थिक रूप से लाभान्वित हुए है।हमारा सतत प्रयास है कि मनरेगा योजना से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को लाभान्वित किया जाए। जल संरक्षण प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन एवं आजीविका जैसे प्रमुख घटकों के क्षेत्र में योजना से पर्याप्त कार्य हो रहे है।
सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया की ग्रामीणों के मांग पर रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर निर्माण कार्य की स्वीकृति एवं सभी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो इन बातों पर विशेष ध्यान दिया। इसीलिए जिले के सभी क्षेत्रों में ग्रामीणों को पर्याप्त रोजगार मिला और हम प्रदेश में बेहतर कर पाए। आजीविका डबरी, नया तालाब निर्माण, कच्ची नाली निर्माण, पुराने तालाबों का गहरीकरण जैसे अनेक जल संरक्षण के कार्याे के साथ आजीविका के लिए कुकुट पालन शेड, पशुपालन शेड जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया गया है। मार्च माह के अंतिम सप्ताह में प्रारंभ हुए नए कार्यों से जिले की उपलब्धि और बढ़ेगी तथा हमारे ग्रामीणों को और अधिक लाभ होना अपेक्षित है। उल्लेखनीय है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से ग्रामीणों को बड़ी मात्रा में रोजगार का अवसर मिलता है। योजना से ग्रामीणों को रोजगार के साथ गांव में विभिन्न परिसंपत्तियों का निर्माण होता है। योजना के क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला लगातार कई वर्षों से प्रदेश में अग्रणी बना हुआ है ग्रामीणों को इसका लाभ मिल रहा है।
सर्वाधिक मानव दिवस रोजगार का सृजन-जिले के ग्रामीणों को 58 लाख 54 हजार 40 मानव दिवस का रोजगार मिला। जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। सर्वाधिक ग्रामीण परिवारों को रोजगार- जिले के 1 लाख 42 हजार 482 ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला, जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। सर्वाधिक दिव्यांग जनों को रोजगार- जिले में 2 हजार 538 दिव्यांग जनों को 58 हजार 493 मानव दिवस का रोजगार दिया गया। जो प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। ग्रामीण महिलाओं को भी मिला रोजगार का बेहतर अवसर- योजना अंतर्गत 1 लाख 30 हजार 160 महिलाएं पंजीकृत है और इन्हें 29 लाख 33 हजार 959 मानव दिवस का रोजगार मिला है। महिलाओं को रोजगार देने के मामले में कबीरधाम जिला पूरे प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। 124 करोड़ 53 लाख से अधिक का मजदूरी भुगतान- मनरेगा में रोजगार पाने वाले जिले के ग्रामीणों को 124 करोड़ 53 लाख 46 हजार रुपए का मजदूरी भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में जारी किया गया। मजदूरी भुगतान के मामले में कबीरधाम जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। ग्रामीणों को मिला मजदूरी भुगतान से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

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