छत्तीसगढ़राज्य

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर दूरदर्शी कार्ययोजना बनाएं, विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता हो: उप मुख्यमंत्रीअरुण साव

Make a visionary action plan keeping in mind the future needs, there should be speed and quality in development works: Deputy Chief Minister Arun Sao

रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कहा है कि समय की मांग बदल रही है, इसलिए अधिकारी वर्तमान के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर दूरदर्शी कार्ययोजना बनाएं। विकास कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में विलंब को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करने की बात कही। साव आज बिलासपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। विधायक धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला और दिलीप लहरिया भी बैठक में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में बिल्हा के बरतोरी से मोहतरा मार्ग पर सड़क के बीच बिजली के खंभे खड़े किए जाने के मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने जिला पंचायत के सीईओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बैठक से अनुपस्थित रहने वाले चार अधिकारियों पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बिल्हा, कोटा और तखतपुर जनपद पंचायत के सीईओ तथा रतनपुर नगर पालिका के सीएमओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों के कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करते रहने और मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
साव ने कहा कि बिलासपुर शहर में पहली ही बारिश में जलभराव की स्थिति सामने आई है। इससे निपटने के लिए अभी से ऐसी बेहतर और स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे आने वाले वर्षों में शहरवासियों को इस समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढे और क्षति की स्थिति बनती है। विभागीय अधिकारी इसकी तैयारी अभी से रखें, ताकि बारिश समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। उन्होंने निर्माण विभागों की अलग से बैठक लेकर कार्यों की विस्तृत समीक्षा करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं।
साव ने मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिले की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने गांव स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा मितानिन स्तर तक आवश्यक एवं मूलभूत दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि कोटा विकासखंड में अब तक मलेरिया के 48 मरीज मिले हैं। इनमें 6 मरीज उपचाररत हैं, जबकि अन्य मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। रोटरी क्लब के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र में 1500 मच्छरदानियों का वितरण किया जा रहा है।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में पर्याप्त बारिश होने से फसलों की स्थिति अच्छी है। बांधों में भी पर्याप्त जलभराव है। जिले में खाद-बीज की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में समितियों में लगभग 300 क्विंटल बीज तथा 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी, यूरिया सहित अन्य उर्वरक उपलब्ध हैं। साव ने कहा कि इस वर्ष धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन जरूरी है। उन्होंने किसानों को इसकी जानकारी देने और गांव-गांव शिविर लगाकर पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीयन के अभाव में एक भी किसान धान बेचने से वंचित नहीं होना चाहिए।
जिला पंचायत की योजनाओं की समीक्षा के दौरान साव ने वीबी-जी रामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत फील्ड की वास्तविक जरूरतों के आधार पर कार्य स्वीकृत किए जाएं। मुक्तिधाम, शौचालय, स्कूलों की मरम्मत, जल संरक्षण, छोटे बांध सहित स्थानीय आवश्यकता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने गांवों में जल संरक्षण के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने और पानी बचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जिले में 804 सिंगल विलेज योजनाओं में से 310 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनमें से 219 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जा चुकी हैं। प्रभारी मंत्री साव ने योजनाओं के निरंतर संचालन एवं रखरखाव के लिए जनभागीदारी से जल अर्पण अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने वाटर रिचार्जिंग के लिए जिले में जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयासों की सराहना की।
साव ने ऐतिहासिक नगरी मल्हार और रतनपुर के समन्वित एवं सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों ऐतिहासिक स्थलों की विरासत, पर्यटन संभावनाओं और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार की जाए। नगर विकास की समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अधोसंरचना विकास और साफ-सफाई के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिलासपुर में आईएसडीपी योजना के तहत निर्मित आवासों की आवश्यक मरम्मत कराकर पात्र गरीब परिवारों को शीघ्र आबंटित करने को कहा।
बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे और जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
समीक्षा बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री साव की अध्यक्षता में बिलासपुर जिला अस्पताल की जीवनदीप समिति तथा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय की आयुष समिति की बैठक हुई। इन बैठकों में अस्पताल एवं महाविद्यालय की आवश्यक सुविधाओं और विकास कार्यों से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बैठक में उप मुख्यमंत्री साव द्वारा दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button