छत्तीसगढ़राज्य

जल संरक्षण की शपथ के साथ ग्रामीणों को सिखाई जल गुणवत्ता जांच की तकनीक

रायगढ़: घर-घर नल से जल पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। जिन परिवारों को पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, उन्हें अब घर पर ही पानी की सुविधा मिल रही है। इससे विशेषकर महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है, वहीं बच्चों और अन्य सदस्यों को भी पानी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। चिटकाकानी और त्रिभौना गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के महत्व से अवगत कराने के साथ जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान पानी के नमूने में निर्धारित मात्रा में रसायन मिलाकर उसकी जांच करने और प्राप्त परिणाम का निर्धारित मानकों से मिलान करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने फ्लोराइड की अधिकता से होने वाली फ्लोरोसिस बीमारी के बारे में भी बताया तथा जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।
चिटकाकानी और त्रिभौना गांव के ग्रामीणों ने नल से जल मिलने के बाद अपनी दिनचर्या में आए इस बदलाव को साझा किया। ग्राम चिटकाकानी की एक महिला हितग्राही ने बताया कि घर में पानी की सुविधा शुरू होने से काफी समय बच रहा है। महिलाओं को पानी के लिए इधर-उधर आने-जाने की परेशानी से भी राहत मिली है। वहीं, गांव की प्राथमिक शाला की शिक्षिका ने बताया कि सभी घरों में नल की सुविधा मिल गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच रहा है। इसी तरह ग्राम त्रिभौना की एक हितग्राही ने बताया कि अब नहाने और कपड़े धोने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। घर में ही पानी मिलने से परिवार के सदस्यों को सुविधा हो रही है और बच्चों को भी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। चिटकाकानी के एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि पहले कुएं से पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर पानी की व्यवस्था होने से राहत मिली है।
जल सुविधा के साथ पानी के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों ने “जल है तो कल है” और “जल बचाओ, जीवन बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। ग्रामीणों ने भी जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने, पानी की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों की रक्षा करने और गांव की जल योजना की देखभाल करने की शपथ ली। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रखने का संकल्प भी दोहराया।
घर-घर नल से जल पहुंचने का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा देना और पानी के लिए होने वाली परेशानी कम करना भी है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच, जल स्रोतों की सुरक्षा और पानी का जिम्मेदारी से उपयोग इस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में महत्वपूर्ण हैं। हर घर नल से हर घर जल का संदेश ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और उपलब्ध जल संसाधनों को सहेजने की प्रेरणा दे रहा है।

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