छत्तीसगढ़राज्य

श्रावण के प्रथम सोमवार पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर शिव मंदिर में विधि-विधान से किया जलाभिषेक, प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना

On the first Monday of Shravan, Cabinet Minister Rajesh Agrawal performed the ritualistic *Jalabhishek* (offering of water) at the Lakhanpur Shiva Temple and prayed for the happiness, peace, prosperity, and well-being of the people of the state.

रायपुर: श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक किया। उन्होंने देवाधिदेव महादेव से समस्त छत्तीसगढ़ वासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति, खुशहाली तथा प्रदेश की निरंतर उन्नति और समग्र विकास की मंगलकामना की।
श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आस्था, श्रद्धा और भक्ति से सराबोर रहा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोषों के बीच मंत्री राजेश अग्रवाल ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर जल, दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, भस्म एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित की तथा प्रदेश की समृद्धि एवं जनकल्याण के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के साथ भी आत्मीय संवाद किया और सभी को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सर्वाधिक पुण्यदायी और आध्यात्मिक महत्व वाला काल है। भगवान भोलेनाथ करुणा, त्याग, लोककल्याण, समानता और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक हैं। उनकी कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख-समृद्धि का वास हो, किसानों की मेहनत रंग लाए, युवाओं को उज्ज्वल भविष्य मिले, समाज में भाईचारा और सद्भाव बना रहे तथा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करे, यही मेरी कामना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की समृद्ध धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य के प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर राज्य की अमूल्य पहचान है। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण रहा, जिससे श्रावण मास के प्रथम सोमवार का पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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