छत्तीसगढ़राज्य

‘हर किसान के घर कड़कनाथ’ से बीजापुर में बढ़ रही किसानों की आय

Farmers' incomes in Bijapur are rising through the ‘Kadaknath in every farmer’s home’ initiative.

रायपुर: कड़कनाथ मुर्गी पालन किसानों की आमदनी बढ़ाने और कुपोषण दूर करने का एक बेहतरीन जरिया है। इसके काले मांस और अंडों में उच्च प्रोटीन, आयरन और औषधीय गुण होते हैं, जिससे बाजार में इसकी मांग और कीमत काफी अधिक मिलती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में बीजापुर के कृषि विज्ञान केंद्र, पानारापारा द्वारा कड़कनाथ पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र का उद्देश्य ‘हर किसान के घर कड़कनाथ’ पहुंचाना है।
कड़कनाथ छत्तीसगढ़ की विशिष्ट देशी कुक्कुट नस्ल है। अपने काले रंग, स्थानीय परिस्थितियों में आसानी से अनुकूलन और गुणवत्तापूर्ण मांस के लिए इसकी विशेष पहचान है। इसके पालन से किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त और टिकाऊ आय का अवसर मिल सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर द्वारा विभिन्न किसानों को कड़कनाथ के चूजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों को चूजों की देखभाल, उचित आहार, आवास, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से पालन की जानकारी भी दी जा रही है। इससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए आवश्यक तकनीक सीख रहे हैं।
कड़कनाथ पालन की बेहतर तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा दो फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (FLD) और दो ऑन-फार्म ट्रायल (OFT) स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से किसानों को कड़कनाथ के वैज्ञानिक पालन, बेहतर प्रबंधन और उत्पादन क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जा रहा है।
कड़कनाथ पालन से जुड़े किसानों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। वैज्ञानिक कुक्कुट प्रबंधन, गुणवत्तापूर्ण चूजा उत्पादन और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों में कड़कनाथ पालन के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
हर किसान के घर कड़कनाथ’ का संकल्प किसानों को अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले समय में इस गतिविधि को अधिक किसानों तक पहुंचाकर कड़कनाथ पालन को लाभकारी, टिकाऊ और किसान-केंद्रित आजीविका मॉडल के रूप में विकसित करने का प्रयास जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में कड़कनाथ पालन को बढ़ावा देने की यह पहल बीजापुर के किसानों के लिए आत्मनिर्भरता और समृद्धि की नई राह खोल रही है।

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