छत्तीसगढ़राज्य

सुकमा में टीबी मुक्त जनजातीय अभियान का शुभारंभ

सुकमा: जिले में जनजातीय समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से टीबी मुक्त जनजातीय अभियान के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की गई। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गीतू हरित एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी ने शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, टीबी के लक्षणों की समय पर पहचान करना और जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना है।
अभियान के तहत विकासखंड कोंटा एवं छिंदगढ़ में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, छाती का एक्स-रे एवं बलगम की जांच की जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। पिरामल फाउंडेशन की फील्ड टीम द्वारा गांवों में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, ताकि संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच एवं उपचार की सुविधा से जोड़ा जा सके। इस पहल से ग्रामीणों को समय पर बीमारी का पता लगाने, उपचार प्राप्त करने और टीबी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से शिविरों में अधिक से अधिक सहभागिता कर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, टीबी की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी, PMDT समन्वयक, STLS, पिरामल फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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