
महासमुंद: एक नवंबर को राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी परिपेक्ष्य में 2 नवंबर को जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा आयोजित राज्योत्सव का आयोजन मिनी स्टेडियम मैदान में आयोजित किया गया। उक्त राज्योंत्सव अवसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मागदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरूकता एवं प्राधिकरण द्वारा दी जा रही विधिक सलाह एवं सहायता पर अधारित स्टॉल लगाया गया। प्राधिकरण की प्रभारी सचिव सुश्री चेतना ठाकुर के नेतृत्व पर राज्योत्सव में आने वाले आमजनों एवं नागरिकों को कानून के विभिन्न विषयों पर अधारित पाम्पलेट वितरित कर तथा उनके द्वारा चाही गई विधिक सलाह प्रदान करने के लिए प्रतिधारक एवं लीगल एड डिफैस के अधिवक्ताओं की ड्यूटी लगाई गई थी। राज्योंत्सव कार्यक्रम अवसर पर जिले के विभिन्न विभागों द्वारा अपने अपने विभाग से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड.ी विभागीय स्टाल लगाए गए थे इसी तरह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कार्यक्रम में आने वाले आमजनों एवं नागरिकों को कानून के विभिन्न विषयों से संबंधित विधिक जानकारी देकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आनंद बोरकर, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश चन्द्रकला देवी साहू, प्राधिकरण की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना ठाकुर, न्यायिक मजिस्ट्रेट अरूण कुमार नोरगे, पारूल साय, आदित्य जैन, प्रशिक्षु सिविल न्यायाधीश स्वाती पैकरा, सृष्टि सोनकला और राहुल कुमार निराला सहित प्राधिकरण के समस्त स्टाफगण एवं पैरालिगल वॉलेटियरर्स उपस्थित थे। राज्योंत्सव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा स्टाल लगाकर मुख्य रूप से नागरिकों को प्राधिकरण के कार्यो एवं उद्देश्यों की जानकारी दिया गया कि सभी के लिए न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करना ताकि आर्थिक या अन्य अक्षमताओं के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित ना रहे।




