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सुशासन तिहार बना जनता और शासन के बीच भरोसे का माध्यम : विजय शर्मा

'Sushasan Tihar' Emerges as a Medium of Trust Between the People and the Administration: Vijay Sharma

रायपुर, 16 मई 2026 कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल एवं बैगा बाहुल्य क्षेत्र तरेगांव जंगल में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। उन्होंने शिविर में ग्रामीणों के साथ अपने सहज और चिर-परिचित अंदाज में सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद का माध्यम है। राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जनपद अध्यक्ष बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत नंद श्रीवास, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रूपा राजकुमार धुर्वे, लोकचंद साहू, मनीराम साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का समुचित विकास और मूलभूत सुविधाओं की सहज पहुंच सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 100 करोड़ रुपए की लागत वाली कुसुमघटा – बैजलपुर – राजानवांगांव समूह जल प्रदाय योजना से 66 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे बड़ौदाखुर्द, बड़ौदाकला, भलपहारी, अचानकपुर, गंडईकला, गंडईखुर्द, कुसुमघटा, बोइरकछारा, खरहट्टा, भरेली, खड़ोदाकला, कारेसरा, सारंगपुर कला, राम्हेपुर, लोहझरी, सुकवापारा, जैताटोला, खैरबनाखुर्द, घोंघा, दियाबार, छपरी, खुर्सीपार, मंडलाटोला, मुड़ियापारा, मरियाटोला, बैहरसरी, सिल्हाटी, प्रभाटोला, बुधवारा, रहंगी, चंडालपुर, हरिनछपरा, मिनमिनिया मैदान, मोतिमपुर, रघुपारा, बद्दो, खिरसाली, लाटा, बाघुटोला, राजानवागांव, तिलाईभाट, बिसनपुरा, भलुचुवा, भीरा, खरिया, मुड़घुसरी मैदान, खड़ोदाखुर्द, कांदापारा, कामाडबरी, सिंघारी, बैजलपुर, अंधरीकछार, सिल्ली, बोदा 03, लबदा, अमेरा, सोंनतरा, मगरवाड़ा, बोरिया, कनपा, सिरमी, खंडसरा, छांटा, मड़मड़ा, कबराटोला, महली ग्राम शामिल है।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा क्षीरपानी मध्यम परियोजना के नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है। इस परियोजना से 19 गांवों के हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद सबसे पहले गरीब परिवारों के पक्के मकान के सपने को पूरा करने की दिशा में कार्य किया गया। लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति दी गई है। तरेगांव जंगल क्लस्टर जहां यह शिविर आयोजित है इसके 26 गांवों में ही 5000 से अधिक आवास स्वीकृत एवं निर्माणाधीन हैं।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार विशेष रूप से पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों तक बारहमासी सड़कें पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि तरेगांव जंगल क्षेत्र में 35.80 करोड़ रुपए की लागत से 14 सड़कों को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 51.4 किलोमीटर होगी। वहीं फेस-04 अंतर्गत 11.53 करोड़ रुपए की लागत से 5 नई सड़कों को मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से वनांचल क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क सुविधाएं बेहतर होंगी।
उप मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर देते हुए कहा कि यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया गया है। इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए की लागत से भवन स्वीकृत किया गया है। इससे चिकित्सकीय सेवाओं और स्टाफ में वृद्धि होगी तथा आसपास के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तें जारी की जा चुकी हैं और हितग्राही महिलाओं को 27-27 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हर पंचायत में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोलने का कार्य किया जा रहा है, ताकि महिलाओं को राशि निकालने दूर न जाना पड़े। तरेगांव जंगल में महिला समूहों के लिए महतारी सदन भी स्वीकृत किया गया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महिला स्व सहायता समूहों से स्व-रोजगार गतिविधियों को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश व जिले के अन्य हिस्सों में समूह शटरिंग प्लेट किराए पर देकर और निर्माण सामग्री की सप्लाई कर आय अर्जित कर रहे हैं। इस मॉडल को वनांचल क्षेत्रों में भी बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे न केवल महिलाओं के आए वृद्धि होगी बल्कि आवासों का निर्माण भी जल्द पूरा होगा।

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