छत्तीसगढ़राज्य

कृषि, पशुपालन, मत्स्य और स्वास्थ्य विभाग के स्टॉलों ने किसानों को दी योजनाओं की पूरी जानकारी

Stalls set up by the Agriculture, Animal Husbandry, Fisheries, and Health departments provided farmers with comprehensive information about the schemes.

रायपुर:बलरामपुर जिला स्थित कृषि विज्ञान केंद्र जाबर में आयोजित कार्यशाला किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी मंच साबित हुई। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों एवं जीवंत प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती, जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट प्रबंधन, फसल विविधीकरण, एकीकृत कृषि प्रणाली तथा कृषि लागत में कमी लाकर आय बढ़ाने के उपायों से अवगत कराया। किसानों ने स्टॉलों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया और खेती-किसानी से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण जल संरक्षण, 5 प्रतिशत स्ट्रक्चर मॉडल, नील-हरित शैवाल तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर आधारित जीवंत प्रदर्शनी रही। प्रदर्शनी के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सतत विकास के महत्व को सरल एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। 5 प्रतिशत स्ट्रक्चर मॉडल के जरिए वर्षा जल संचयन और खेतों में जल संरक्षण की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया, जिससे किसानों को सीमित संसाधनों में भी जल का बेहतर प्रबंधन करने की जानकारी मिली।
प्रदर्शनी में नील-हरित शैवाल के उपयोग और इसके कृषि लाभों को भी प्रदर्शित किया गया। किसानों को बताया गया कि यह भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल के माध्यम से कचरे के वैज्ञानिक निपटान, पुनर्चक्रण और स्वच्छ पर्यावरण निर्माण के उपायों की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी को देखने पहुंचे किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने इन नवाचारों में विशेष रुचि दिखाई।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहीमूलक सामग्रियों एवं सहायता राशि का वितरण भी किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तीन महिला स्व-सहायता समूहों को 6-6 लाख रुपये के बैंक लिंकेज चेक प्रदान किए गए। जनपद पंचायत बलरामपुर द्वारा ओरसा घाटी दुर्घटना स्वेच्छानुदान योजना के तहत 11 हितग्राहियों को 5-5 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पांच हितग्राहियों को स्वच्छाग्रही ड्रेस, नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा पीएम स्वनिधि योजना अंतर्गत दो हितग्राहियों को 25-25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, मत्स्य पालन विभाग द्वारा पांच हितग्राहियों को जाल एवं आइस बॉक्स तथा कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चार हितग्राहियों को जैविक खाद के पैकेट प्रदान किए गए।
इसके अलावा उद्यानिकी विभाग ने तीन हितग्राहियों को ड्रिप सूक्ष्म सिंचाई किट, कृषि विभाग ने आत्मनिर्भर दलहन मिशन के तहत पांच किसानों को मूंग बीज मिनीकिट तथा स्वास्थ्य विभाग ने दो हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। कार्यक्रम ने किसानों को आधुनिक कृषि नवाचारों से जोड़ने के साथ-साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभों से भी प्रत्यक्ष रूप से जोड़ा।

 

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