एनईपी-2020 के अनुरूप वोकेशनल शिक्षा को मिलेगा नया स्वरूप, ब्लूप्रिंट निर्माण पर मंथन
Vocational education to get a new shape in line with NEP-2020; deliberations underway on blueprint formulation.

रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप वोकेशनल विषयों के ब्लूप्रिंट निर्माण हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। 4 से 6 अगस्त 2026 तक चलने वाली यह कार्यशाला मण्डल की अध्यक्ष रेणु जी. पिल्ले के संरक्षण, सचिव पुष्पा साहू के निर्देश तथा एनसीईआरटी के परख (PARAKH) नई दिल्ली की विभागाध्यक्ष डॉ. इन्द्राणी भादुरी के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।
5 नए वोकेशनल ट्रेड शामिल किया गया है, जिसमें कक्षा 11वीं के लिए एपैरल एंड मेड-अप्स, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी, प्लम्बिंग, पावर तथा कंस्ट्रक्शन ट्रेडों के नए ब्लूप्रिंट तैयार किए जा रहे हैं। कक्षा 11वीं के आईटी (IT) ट्रेड के मौजूदा ब्लूप्रिंट में आवश्यकतानुसार आंशिक संशोधन किया जा रहा है। नए ब्लूप्रिंट के आधार पर भविष्य में दक्षता (कम्पीटेंसी) आधारित प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों की समझ, कौशल और अधिगम परिणामों का सटीक मूल्यांकन हो सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान मण्डल के उपसचिव डॉ. बी. रघु ने कहा कि ब्लूप्रिंट तैयार करते समय सीखने के परिणामों, दक्षताओं, शैक्षणिक उद्देश्यों, प्रश्नों के प्रकार और कठिनाई के स्तर का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। मण्डल की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि दक्षता- आधारित प्रश्नों के निर्माण से छात्रों में विषय की मौलिक समझ विकसित होगी। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के मूल्यांकन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रश्नपत्र निर्माण, सेटिंग और मॉडरेशन से जुड़े विषयों पर प्रतिभागियों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
यह कार्यशाला परख सेल के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार साहू के मार्गदर्शन में संचालित हो रही है। इसमें रिसोर्स पर्सन के रूप में डॉ. माधुरी बोरेकर, सीमा वर्मा, सहायक प्राध्यापक अखिलेश बावनगड़े, अलका जैन, मनीषी सिंह एवं शिवा सोमवंशी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।




