छत्तीसगढ़राज्य

महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का कार्यकाल 13 जनवरी तक बढ़ा: छत्तीसगढ़-ओडिशा के बीच जल विवाद छह माह में सुलझेगा

Mahanadi Water Disputes Tribunal's tenure extended until January 13; water dispute between Chhattisgarh and Odisha to be resolved within six months.

रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच पिछले 44 साल से चल रहे महानदी जल विवाद का फैसला अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। केंद्र सरकार ने महानदी जल विवाद ट्रिब्यूनल का कार्यकाल 13 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही विवाद पर फैसला छह महीने में आने की संभावना है। इस अवधि में ट्रिब्यूनल को शेष प्रक्रिया पूरी कर अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है।
1983 में तत्कालीन मध्यप्रदेश और ओडिशा के बीच शुरू हुआ यह विवाद आज छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सबसे बड़े अंतरराज्यीय जल विवाद के रूप में खड़ा है। 2018 में ट्रिब्यूनल के गठन के बाद दोनों राज्यों ने हजारों पन्नों के दस्तावेज, जल उपलब्धता के आंकड़े, सिंचाई और औद्योगिक जरूरतों का ब्यौरा तथा तकनीकी रिपोर्टें पेश कीं। ट्रिब्यूनल की टीम ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा सहित दोनों राज्यों की प्रमुख परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया। सूत्रों के अनुसार ट्रिब्यूनल के समक्ष दोनों पक्षों की दलीलें लगभग पूरी हो चुकी हैं। अब शेष प्रक्रियाओं के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जानी है।
यही वजह है कि कार्यकाल बढ़ने को केवल औपचारिक विस्तार नहीं, बल्कि अंतिम निर्णय की तैयारी माना जा रहा है। जल्द आने वाले एक निर्णय की एक बड़ी वजह है दोनों राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार। अब तक ओडिशा में बीजद की सरकार थी। छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस की सरकार रही। इस वजह से विवाद पर निर्णय में मुश्किलें आ रही थी। अब दोनों राज्यों के अलावा केंद्र में भी भाजपा की सरकार है। विवाद पर जल्द फैसले के लिए इस तथ्य को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button