छत्तीसगढ़राज्य

भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव : अब नौकरियों में वेटिंग लिस्ट नहीं, रिजल्ट के 40 दिन के भीतर मिलेगा नियुक्ति पत्र

Major change in recruitment process: No more waiting lists for jobs; appointment letters to be issued within 40 days of results.

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर होने वाली भर्तियों के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल नियम- 2026 के तहत अब सरकारी नौकरी की राह देख रहे युवाओं को भर्ती प्रक्रिया के बाद सालों तक वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के भरोसे नहीं बैठना होगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी भर्ती परीक्षा के बाद कोई प्रतीक्षा सूची जारी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, चयन के बाद नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए भी अफसरों की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी समय-सीमा (डेडलाइन) तय कर दी गई है।
एक बार में होगा फैसला भर्ती नियमों के अनुसार, लिखित परीक्षा और कौशल परीक्षा के बाद मंडल सूची-ब के रूप में अंतिम आबंटन सूची जारी करेगा। यह सूची विज्ञापित पदों की संख्या के बराबर होगी। नियमों में साफ लिखा है कि इस अंतिम सूची के जारी होने के बाद कोई भी प्रतीक्षा, परोक्ष या आरक्षित सूची जारी नहीं की जाएगी। यानी उम्मीदवार का चयन या तो अंतिम लिस्ट में होगा या उसे अगली भर्ती परीक्षा का इंतजार करना होगा। जारी की गई इस अंतिम आबंटन सूची की वैधता केवल 6 महीने के लिए होगी।
सिर्फ अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं।
15 दिन का समय: सूची-ब में नाम आने के बाद उम्मीदवार को 15 दिनों के भीतर अपना आधार प्रमाणीकरण करना होगा और जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। ऐसा न करने पर उनकी दावेदारी रद्द कर दी जाएगी।
30 दिन में जॉइनिंग: नियुक्ति पत्र जारी होने के 30 दिनों के भीतर उम्मीदवार को संबंधित कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करना होगा। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर इसमें कोई समय वृद्धि नहीं की जाएगी।
हर साल अगस्त में आएगा जॉब कैलेंडर
तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की बात यह है कि मंडल अब हर साल अगस्त महीने में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की रिक्तियों के लिए परीक्षा कैलेंडर जारी करेगा। इसके अलावा शैक्षणिक प्रवेश परीक्षाओं और पात्रता परीक्षाओं के लिए भी अगस्त में ही संभावित समय-सारणी जारी की जाएगी। इससे परीक्षार्थियों को अपनी तैयारी के लिए पर्याप्त समय और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। पूरी चयन प्रक्रिया में आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य बनाया गया है ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।

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