छत्तीसगढ़राज्य

बहनों की खुशहाली खातिर-विष्णु भैया का प्रयास महतारी वंदन का तोहफा पहुंच रहा बहनों के पास

For the well-being of sisters—Vishnu Bhaiya's initiative: the 'Mahtari Vandan' gift is reaching the sisters.

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में 631 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम हर्रा निवासी सुलोचनी दुबे भी इस सौगात से बेहद खुश हैं। सुलोचनी दुबे ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मनाएंगी।
सुलोचनी दुबे ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास को मजबूत करने वाला पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा एवं सम्मान का संकल्प लेता है। ऐसे अवसर पर आर्थिक सहायता मिलने से त्योहार की तैयारियां और भी सहज हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए उपयोगी है। इससे वे अपनी जरूरतों के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय स्वयं भी निर्णय ले सकती हैं और आवश्यक खर्चों में योगदान कर सकती हैं।
योजना का लाभ मिलने पर सुलोचनी दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास है। रक्षाबंधन से पहले सहायता राशि मिलने से इस बार उनके परिवार की खुशियां बढ़ गई हैं।
सुलोचनी दुबे की कहानी इस बात की झलक देती है कि शासन की योजनाएं जब सीधे हितग्राहियों तक पहुंचती हैं तो उनका प्रभाव केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार की खुशियों और महिलाओं के आत्मविश्वास से भी जुड़ जाता है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची महतारी वंदन योजना की राशि ने सुलोचनी दुबे के परिवार में त्योहार की तैयारियों को आसान बनाया और उनके चेहरे पर मुस्कान लाई।
राखी के पवित्र रिश्ते, भरोसे के मजबूत साथ और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की इस कहानी में सुलोचनी दुबे की खुशी यही संदेश देती है-“बहनों की खुशहाली खातिर-विष्णु भैया का प्रयास महतारी वंदन का तोहफा पहुंच रहा बहनों के पास।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button