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नेपाल: भारत ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम भेजी

Nepal: India sent a team of doctors and paramedical staff.

नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 10 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री और डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों की टीम लेकर तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली से काठमांडू के लिए रवाना हुई है। भारत बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल की मदद के लिए अपने प्रयास तेज कर रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि 10 टन मानवीय सहायता सामग्री लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। इस सहायता सामग्री में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शोधन की गोलियां शामिल हैं। 11 सदस्यीय डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों की टीम और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए एक रेकी टीम भी उड़ान में सवार हैं। भारत-नेपाल के चल रहे राहत एवं बचाव प्रयासों में अपना सहयोग जारी रखेगा।
इससे पहले दिन में विदेश मंत्री जयशंकर ने तमिलनाडु के उन 21 तीर्थयात्रियों से मुलाकात की जो बाढ़ से बचाए जाने के बाद काठमांडू से दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे थे। विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मैंने तमिलनाडु के 21 पर्यटकों के एक समूह का स्वागत किया, जिन्हें नेपाल में आई बाढ़ से बचाया गया था। उनकी आपबीती सुनकर मैं अत्यंत भावुक हो गया। इस बचाव अभियान को अंजाम देने के लिए मैं नेपाली सेना और उस देश की सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। भारत में उनकी सुचारू वापसी के समन्वय में नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के प्रयासों की मैं सराहना करता हूं।
ये 21 भारतीय नागरिक उन समूहों का हिस्सा थे जिन्होंने विभिन्न ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा की थी।
भारत नेपाल को लगातार सहायता भेज रहा है, जिसमें बचाव और राहत कार्यों में सहायता के लिए बेली ब्रिज की तैनाती भी शामिल है। नई दिल्ली ने विदेश मंत्रालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है जो चौबीसों घंटे कार्यरत है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी उन राज्य सरकारों के भी संपर्क में हैं, जहां से लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए हैं।
शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित द्विसाप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि त्रिशुली-1 जलविद्युत परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय नागरिकों सहित 84 भारतीय नागरिकों को अब तक बचाया जा चुका है। उन्होंने आगे बताया कि चीन की सीमा में फंसे 96 भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच गए हैं।

 

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