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नारियल भारत में सिर्फ फल नहीं, संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक है: शिवराज सिंह चौहान

In India, the coconut is not merely a fruit; it is a symbol of culture and prosperity: Shivraj Singh Chouhan.

नई दिल्ली। हर साल 2 सितंबर को विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है। भारत में नारियल केवल एक फल नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आधार है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर सभी नारियल उत्पादक किसान भाई-बहनों को हार्दिक बधाई दी है।
शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कहा, “भारतीय संस्कृति में नारियल का विशेष महत्व है। इसे अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। धार्मिक उत्सवों, पूजा-पाठ एवं विभिन्न शुभ कार्यों व मांगलिक अवसरों में नारियल समर्पित किया जाता है। नारियल भारत में सबसे पसंदीदा फलों में से एक है। मिठाइयों, विभिन्न व्यंजनों और अन्य उत्पादों में नारियल का उपयोग होता है। देश में हमारे किसानों की अथक मेहनत व प्रयास से नारियल का उत्पादन, निर्यात और व्यापार निरंतर बढ़ रहा है।”
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने भी विश्व नारियल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नारियल प्रकृति का अनूठा वरदान है, जो न केवल पूजा-पाठ, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है। भाजपा विधायक अजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, “विश्व नारियल दिवस… नारियल के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अहमियत उजागर करना तथा इस फसल की ओर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।”
भाजपा नेता गोपाल चतुर्वेदी ने किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “नारियल ऐसा फल है जो हमारे जीवन से बहुत गहराई से जुड़ा है। धार्मिक रीति-रिवाजों के अलावा अब ये रोजगार का भी बड़ा साधन है। ऐसे अद्भुत फल को पोषित कीजिए और बढ़ाइए। इसे श्रीफल भी कहा जाता है, इसलिए कि ये ‘श्री’ बढ़ाता है।”निश्चित तौर पर नारियल किसानों की समृद्धि का आधार है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में लाखों किसान इसकी खेती पर निर्भर हैं। नारियल से तेल, दूध, पानी, खोपरा और कॉयर जैसे कई उत्पाद बनते हैं, जो देश-विदेश में हाई डिमांड में हैं।

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