
रायपुर, 12 सितंबर 2026 छत्तीसगढ़ को साइबर अपराधों से मुक्त और सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से नई गति मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, खरीदारी, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए ‘साइबर संकल्प’ एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रत्येक मॉड्यूल लगभग 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी।
विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश में बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना होगा। श्री शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो घबराने या देर करने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को ठगी की राशि को रोकने और पीड़ित तक वापस पहुंचाने की कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को साइबर ठगी के वास्तविक स्वरूप से अवगत कराया। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के शिकार डॉ. सेन ने बताया कि किस प्रकार उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया। उन्होंने समय रहते पुलिस से संपर्क किया। गोल्डन ऑवर में पुलिस को सूचना मिलने के कारण 60 लाख रुपये की ठगी की राशि वापस प्राप्त हो सकी। उनकी आपबीती ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि साइबर ठगी के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है और तत्काल पुलिस अथवा 1930 पर सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा अभियान का सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करता है और उसके पास डिजिटल जागरूकता को समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों में बुजुर्गों, माता-पिता और अन्य परिजनों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में बताएं। सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ओटीपी, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक करें।
कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम वालंटियर पहल संचालित की जा रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्वयं, अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों से भी इसमें सहभागी बनने की अपील की गई।
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ साइबर धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं कुलसचिव शैलेंद्र पटेल सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप से सावधान रहने तथा ऑनलाइन सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन करने की सलाह दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, उनके तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के तरीकों तथा साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।




