
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले के खनिज प्रभावित क्षेत्रों के कोर एरिया में स्थित गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। चिन्हांकित गांवों में सभी मूलभूत सुविधाएं सड़क, बिजली, पानी उपलब्ध कराने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य संस्थाओं में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने इसके लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में उनके द्वारा विभिन्न प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए इस आशय के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागीय कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्देशित किया। सभी विभागों को आगामी पांच साल की कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। बस्तर मुन्ने अभियान की सफलता के लिए विभागीय योजनाओं में पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराने कहा गया। कलेक्टर द्वारा सभी विभागों को ई-ऑफिस में कार्य करने तथा कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य लंबित प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की गई तथा प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे एवं ए.एस. पैकरा, सभी एसडीएम, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन और नगरीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।




