छत्तीसगढ़राज्य

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर

The Landscape Transformed by the National Rural Livelihoods Mission ‘Bihan’

रायपुर 23 अप्रैल 2026 ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ कोंडागांव जिले में सकारात्मक बदलाव की मिसाल प्रस्तुत कर रहा है। इसी कड़ी में कोण्डागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गट्टीपलना की निवासी सिदाय नेताम आज एक सफल कृषक उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।
फरसगांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गट्टीपलना की श्रीमती सिदाय नेताम ‘शिव शक्ति स्व-सहायता समूह’ से जुड़ी हुई हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जिसने उनके जीवन में परिवर्तन की दिशा तय की।
मिशन के तहत कार्यरत टीम एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के माध्यम से उन्हें आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। मल्चिंग, ड्रिप इरिगेशन जैसी उन्नत विधियों के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उपयोग की जानकारी भी प्रदान की गई। इन तकनीकों को अपनाते हुए सिदाय नेताम ने टमाटर, करेला एवं पॉपकॉर्न मक्का की खेती प्रारंभ की। उन्होंने अपनी कृषि गतिविधियों में कुल 1 लाख 50 हजार रुपये का निवेश किया। उनकी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग का परिणाम यह रहा कि उन्हें 3 लाख 60 हजार रुपये की कुल आय प्राप्त हुई, जिससे 2 लाख 10 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ।
यह सफलता केवल आर्थिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में वे अपने गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में “कृषि सखी” के रूप में कार्य करते हुए अन्य महिलाओं को आधुनिक खेती, जैविक खाद के उपयोग तथा कृषि यंत्रों के समुचित उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग दिखाया है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं तथा बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर रही हैं।
जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की पहल से जिले में ऐसे अनेक उदाहरण सामने आ रहे हैं, जहां महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि सामाजिक स्तर पर उनकी स्थिति भी सशक्त हो रही है। यदि ग्रामीण महिलाओं को उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे कृषि एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं। सिदाय नेताम की सफलता इसी का सशक्त प्रमाण है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर वित्तीय समावेशन, कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन के अवसर प्रदान करना है। जिले में मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जा रहा है। सिदाय नेताम की यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचायक है। आज वे न केवल अपने परिवार को सशक्त बना रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनी हुई हैं।

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