
रायपुर। कांकेर जिले के छोटेबेठिया थानांतर्गत नारायणपुर जिले की सीमा में शनिवार को अदनार में हुए विस्फोट में इंस्पेक्टर समेत चार जवान शहीद हो गए। इसमें एक जवान गंभीर रूप से घायल था, जिसे इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर ले जाया गया था। पुलिस के अनुसार जंगल से मिले डंप बारूद को जवानों ने एक जगह इकठ्ठा किया था।
इसे नष्ट करने तैयारी की जा रही थी। तापमान बढ़ने और केमिकल रिएक्शन होने के कारण विस्फोट हो गया। छत्तीसगढ़ को 31 मार्च को नक्सलमुक्त घोषित करने के बाद यह पहला विस्फोट है, जिसमें चार जवानों की शहादत हुई है।
कांकेर जिले में अब भी परतापपुर एरिया कमेटी के कुछ नक्सली बचे हुए हैं। इसके अलावा नक्सलियों द्वारा जंगल में लगाए गए बम व डंप किए हथियारों की तलाश में फोर्स लगातार अभियान चला गश्त कर रही है। इसी के चलते 2 मई को थाना छोटेबेठिया से टीम कांकेर व नारायणपुर जिले की सीमा क्षेत्र में डी माइनिंग, एरिया डॉमिनेशन तथा सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुई थी।
अदनार के जंगल में जवानों को एक स्थान पर सामान डंप होने की जानकारी मिली। डीआरजी टीम तलाश कर बाहर निकली। पांच बोरियों में 15-15 किलो के पटाखा पावडर भरा मिला। बीडीएस टीम की मदद से नष्ट करने के पहले ही इसमें विस्फोट हो गया।
इसकी चपेट में आने से डीआरजी प्रभारी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, बस्तर फाइटर संजय गढपाले अत्याधिक जख्मी होने से घटना स्थल पर ही शहीद हो गए। बस्तर फाइटर परमानंद कोमरा गंभीर रूप से घायल थे। हेलिकॉप्टर से रायपुर पहुंचाया गया। इलाज के दौरान वे भी शहीद हो गए।




