छत्तीसगढ़राज्य

ड्राइवर के साथ गाली गुप्तार करने वाले ईई को राज्य शासन ने किया सस्पेंड, कलेक्टर ने शासन को लिखी थाी चिट्ठी

The State Government has suspended the Executive Engineer (EE) who verbally abused his driver; the Collector had previously written a letter to the government regarding the matter.

रायपुर। ड्राइवर के साथ गाली गुप्तार करने व अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले जल संसाधन विभाग के ईई को राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर निलंबित कर दिया है। बता दें, जांजगीर कलेक्टर ने एडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। एडीएम की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने राज्य शासन को कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
जल संसाधन विभाग के उप सचिव रवीन्द्र कुमार मेढेकर के हस्ताक्षर से जारी आदेश में लिखा है कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला जांजगीर चाम्पा (छग) से प्राप्त प्रतिवेदन 13 मई 2026 अनुसार जिले में पदस्थ शशांक सिंह, कार्यपालन अभियंता हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.) एवं उनके कार्यालय के वाहन चालक शशिकांत साहू (संलग्न कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा.) अकलतरा,बलौदा) के मध्य 12 मई 2026 को हुए वार्तालाप का ऑडियों क्लिप सोशल मीडिया में वायरल हुआ तथा मीडिया में 13.मई 2026 को प्रकाशित हुआ है। जिसके संबंध में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, जिला जांजगीर-चांपा से उभयपक्षों का कथन लेकर जांच करायी गई है। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह स्पष्ट परिलक्षित होता है कि शशांक सिंह, कार्यपालन अभियंता के द्वारा अपने अधीनस्थ वाहन चालक शशिकांत साहू से मोबाइल पर अत्यंत अभद्र एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर अमर्यादित आचरण किया गया है। साथ ही उनके द्वारा उक्त वार्तालाप में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणी करते हुए वाहन चालक को प्रताड़ित किया है। जिससे जिले में प्रशासनिक छवि धूमिल हुई है।
तत्काल प्रभाव से जारी हुआ निलंबन आदेश
अतएव राज्य शासन एतदद्वारा शशांक सिंह, कार्यपालन अभियंता हसदेव नहर जल प्रबंध संभाग जांजगीर, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.) को छग सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम (3) निहित प्रावधानान्तर्गत कदाचरण के लिये प्रथमदृष्टया दोषी पाये जाने के फलस्वरुप छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) निहित प्रावधानान्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए, इनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, शिवनाथ भवन, नवा रायपुर निर्धारित किया जाता है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी
क्या है मामला?
मामला अकलतरा एसडीएम कार्यालय से जुड़ा हुआ है, जहां वर्षों से अटैच वाहन चालक अब विभागीय खींचतान और अधिकारियों की उदासीनता का शिकार बन गया है। इस पूरे प्रकरण में जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और वाहन चालक के बीच बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तेजी के साथ वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे ऑडियो को सुनकर कोई भी शर्मसार हो जाएगा। ईई, वाहन चालक को तो छोड़िए आला अफसरों के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वर्ष 2022 में जब अकलतरा तहसील को नया एसडीएम कार्यालय बनाया गया था, तब तत्कालीन एसडीएम ममता यादव के शासकीय वाहन चलाने के लिए जलसंसाधन विभाग जांजगीर के शाखा नरियरा अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी बायीं तट नहर जल प्रबंध उपसंभाग क्रमांक-7 में पदस्थ चालक शशिकांत साहू को एसडीएम कार्यालय अकलतरा में अटैच किया गया था। उस दौरान एसडीएम कार्यालय द्वारा बाकायदा लिखित आदेश जारी कर यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि चालक शशिकांत साहू को एसडीएम कार्यालय में उपस्थित मानते हुए जलसंसाधन विभाग नियमित वेतन प्रदान करता रहेगा।
शुरुआती वर्षों में व्यवस्था सामान्य रूप से चलती रही, लेकिन बीते कुछ महीनों से जलसंसाधन विभाग द्वारा चालक को मूल विभाग में वापस बुलाने का दबाव बनाया जाने लगा है। चालक शशिकांत साहू का कहना है, वह विभाग में लौटने के लिए तैयार हैं, लेकिन पहले उन्हें एसडीएम कार्यालय अकलतरा से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त कराया जाए। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर किसी प्रकार का समन्वय नहीं बनाया गया और परिणामस्वरूप चालक का वेतन बीते पांच महीनों से रोक दिया गया है।
बताया जा रहा है, वेतन नहीं मिलने के कारण चालक और उसका परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। दैनिक जरूरतों से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
कलेक्टर ने लिया संज्ञान, अपर कलेक्टर को जांच करने दिया निर्देश
सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर महोबे ने अपर कलेक्टर को जांच कर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए । कलेक्टर ने कहा है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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