छत्तीसगढ़राज्य

सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं दायित्व पर उन्हें दिया गया प्रजेन्टेशन

A presentation was delivered to elected representatives regarding their roles and responsibilities in solid waste management.

रायपुर, 19 मई 2026 सालिड वेस्ट मेनेजमेंट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की क्या भूमिकाएं एवं दायित्व हैं, इस संबंध में विस्तृत प्रजेन्टेशन नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षदों, जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा गया तथा उन्हें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में निहित प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन द्वारा नगर पालिक निगम केारबा के विकास व निर्माण कार्याे विभागीय विषयों पर ली गई समीक्षा बैठक के दौरान यह प्रजेन्टेशन पार्षदों के समक्ष प्रस्तुत किया गया, इस मौके पर महापौर संजूदेवी राजूपत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय व निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर एवं वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित निगम के पार्षदगण उपस्थित थे।
माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश पर केन्द्र सरकार द्वारा लागू किये गये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के परिपालन में सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास छत्तीसगढ़ के दिशा निर्देशों के तहत आज नगर पालिक निगम कोरबा के पार्षदों, जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक में सालिड वेस्ट मेनेजमेंट में उनकी भूमिका एवं इस दिशा में उनके दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये, भूमिकाओं व दायित्व निर्वहन में आवश्यक सहयोग का आग्रह आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने किया। माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार पार्षदों, महापौर एवं अध्यक्ष, वार्ड सदस्य जो जनता के निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं, को स्त्रोत पृथकीकरण शिक्षा के लिये प्रमुख सुविधाप्रदाता के रूप में नामित किया गया है, यह उनका वैधानिक कर्तव्य है कि वे अपने वार्ड के प्रत्येक नागरिक को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के क्रियान्वयन में समग्र रूप से सम्मिलित किया जाए, माननीय सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा इस हेतु केन्द्र सरकार को नियम बनाने के निर्देश दिये गये थे।
केन्द्र सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 को अपडेट करते हुये ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 बनाया तथा इसे दिनांक 01 अप्रैल 2026 से समस्त नगरीय निकायों में लागू कर दिया गया है। इस नियम के अनुसार पूर्व की 02 श्रेणियों में सूखा व गीला अपशिष्ट के पृथककरण के स्थान पर अब अपशिष्ट पृथककरण को 04 श्रेणियों गीला, सूखा, स्वच्छता व विशेष देखभाल आदि श्रेणियों में बांटा गया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में वल्क वेस्ट जनरेटर में उन संस्थानों, प्रतिष्ठानों को शामिल किया गया है, जो 01 दिन में 100 किलोग्राम कचरा उत्सर्जित करते हो अथवा प्रतिदिन 40 हजार लीटर पानी का उपयोग करते हों, अथवा 20 हजार वर्गमीटर से बडे़ क्षेत्रफल में उनका निर्माण किया गया हो। वल्क वेस्ट जनरेटर के लिये आनसाईट अपशिष्ट का उपचार अनिवार्य होगा तथा इस संबंध में निगम को सूचित भी करेगा। वल्क वेस्ट जनरेटर अपशिष्ट का स्त्रोत पृथकीकरण करते हुये पृथक-पृथक कचरा संग्रहित करेंगे, निगम को पूर्व सूचना देंगे तथा निगम यूजर चार्जेज के आधार पर इस कचरे का उठाव व परिवहन करेगा।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत 04 श्रेणी के कचरों के लिये हरे, नीले, लाल व बैंगनी रंग के डस्टबिन निर्धारित किये गये हैं, जिसके अनुसार हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा यथा रसोई का कचरा, सब्जी फल के छिल्ले, बचा हुआ खाना, फूल पत्ते, चायपत्ती आदि रखें जायेंगे, इसी प्रकार नीले डिब्बे में सूखा कचरा यथा कागज, गत्ता, प्लास्टिक बोतले, कांच, धातु, रबर, बेकार कपडे़, तो वहीं लाल रंग के डस्टबिन में सेनेटरी नेपकिन, डायपर, पट्टी, बैंडडेज आदि लपेटकर अलंग रखने होंगे, इसी प्रकार बैंगनी रंग के डिब्बे में विशेष देखभाल अपशिष्ट दवाईयॉं, इंजेक्शन, बैटरी, इलेक्ट्रानिक समान, सी.एफ.एल. बल्ब, पेंट के डिब्बे, कीटनाशक, रसयान आदि के डिब्बे रखें जायेंगे। इन नियम में मिश्रित कचरा देने पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति का प्रावधान भी रखा गया है।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत वल्क वेस्ट जनरेटर के लिये बनाये गये नियमों का पालन कराने का सामूहिक दायित्व नगरीय निकाय व निर्वाचित जनप्रतिनिधियों दोनों का निर्धारित किया गया है, वल्क वेस्ट जनरेटर से यह सुनिश्चित कराना होगा कि गीले कचरे का आनसाईट उपचार करें, यदि संभव न हों तो ई.बी.डब्ल्यू.जी.आर. प्रमाण पत्र निकाय से प्राप्त करें, केन्द्रीय पोर्टल पर पंजीकरण करें तथा त्रेमासिक रिपोर्ट अपलोड करें। वार्ड के अंतर्गत स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय, बडे़ बाजार, मॉल, होटल, शासकीय कार्यालय, अस्पताल, नर्सिंग होम, निर्माण स्थल व बडे़ आवासीय परिसर आदि वल्क वेस्ट जनरेटर होंगे।
इस दौरान निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी ने पार्षदों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न बिन्दुओं की विस्तृत जानकारी दी। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आनलाईन डिजिटल पोर्टल में पंजीकरण, स्त्रोत पृथकीकरण शिक्षा अंतर्गत घर-घर संपर्क अभियान, डिजिटल एवं सोशल मीडिया का उपयोग, मध्यम मीडिया गतिविधियॉं, सामुदायिक भागीदारी, आई.ई.सी. अंतर्गत व्यापक जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन, स्कूल, कालेजों में कार्यक्रम, सामुदायिक कार्यक्रम, पुरस्कार एवं प्रोत्साहन, शिविरों का आयोजन, स्वच्छता श्रमदान, आर.आर.आर. केन्द्र की स्थापना, डार्क स्पॉट समाप्त करने, दृश्य स्वच्छता सुनिश्चित करने, सिटीजन फीडबेक के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की हर कड़ी में पार्षदों व जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

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