छत्तीसगढ़राज्य

“माओवाद से मिली मुक्ति, अब अशिक्षा के अंधकार से मिलेगी आज़ादी”

“Liberation from Maoism achieved; now, freedom from the darkness of illiteracy awaits.”

बीजापुर। दशकों तक माओवादी आतंक की छाया में जीवन बिताने वाले बच्चों के सपनों को नई दिशा देने की पहल अब रंग लाने लगी है। माओवाद की धुंध छटने के बाद शिक्षा और जागरूकता के जरिए बच्चों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर, गलगम एवं मारूडबाका गांवों के बच्चों के लिए विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया।
इस दौरान बच्चों को जिले की विकास उपलब्धियों से परिचित कराने तथा उनके व्यवहार एवं सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया गया। ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी पहुंच बच्चों ने देखी बेहतर शिक्षा की दुनिया- एक्सपोजर विजिट के तहत बच्चों ने ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी का भ्रमण किया, जहां उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय एवं ‘छू लो आसमान’ जैसी संस्थाओं को करीब से देखा। स्कूलों के प्राचार्यों से मुलाकात के दौरान बच्चों को बेहतर शिक्षा, अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य के लिए पढ़ाई के महत्व की जानकारी दी गई।बच्चों ने सेंट्रल लाइब्रेरी का भी भ्रमण कर वहां उपलब्ध संसाधनों को देखा और अध्ययन संस्कृति से परिचित हुए।
प्रशासनिक व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को समझा- भ्रमण के दौरान बच्चों को कलेक्टर कार्यालय और जिला पंचायत ले जाया गया, जहां उन्हें जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड निर्माण तथा पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद बच्चों ने जिला चिकित्सालय का दौरा कर ओपीडी, ब्लड बैंक एवं एक्स-रे कक्ष की कार्यप्रणाली को समझा और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को नजदीक से जाना।
कलेक्टर से आत्मीय मुलाकात, बच्चों ने रखी स्कूल भवन की मांग- कलेक्टर कार्यालय भ्रमण के दौरान कलेक्टर विश्वदीप ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। गर्मी के मौसम को देखते हुए बच्चों को कोल्ड ड्रिंक भी उपलब्ध कराया गया।
संवाद के दौरान जब कलेक्टर ने पूछा कि उन्हें सबसे अच्छा क्या लगा, तो बच्चों ने कहा कि नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालय जैसे स्कूल उन्हें बेहद पसंद आए। बच्चों ने बताया कि उनके गांव में अभी भी झोपड़ी में स्कूल संचालित होता है। इस पर कलेक्टर ने आश्वासन देते हुए कहा, “आपका स्कूल जल्द बनवाया जाएगा।” बच्चों ने स्कूल ड्रेस, टाई, जूते और मोजों की मांग भी रखी, जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
फिल्म नहीं देखी तो कलेक्टर ने कराया विशेष पहल का ऐलान- बातचीत के दौरान कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि क्या उन्होंने कभी फिल्म देखी है? बच्चों के “नहीं” कहने पर कलेक्टर ने उनके लिए प्रेरणादायी फिल्म का विशेष शो आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों से शिक्षा से जुड़े सवाल-जवाब भी किए तथा बेहतर भविष्य के लिए निरंतर पढ़ाई करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया एपीसी जाकिर खान सहित संकुल समन्वयक एवं शिक्षादूत उपस्थित रहे।

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