छत्तीसगढ़राज्य

’महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’

"Lives Being Transformed by Women's Empowerment and Maternal-Child Welfare Schemes: Chief Minister Vishnudeo Sai"

रायपुर, 2 जून 2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही मनिता मरकाम और खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है।
महतारी वंदन योजना से लाभान्वित संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है।
कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है।
कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है। कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

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