छत्तीसगढ़राज्य

आपदा प्रभावितों के साथ खड़ा प्रशासन, सुकमा में राहत और पुनर्वास कार्य तेज

Administration stands with the disaster affected, relief and rehabilitation work intensifies in Sukma

रायपुर : प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं से प्रभावित नागरिकों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सामग्री प्रदान की जाती है। जनहानि, गंभीर चोट, और घर या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की घटना के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।
राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत आपदा प्रभावित नागरिकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले के 474 प्रभावित हितग्राहियों को कुल 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। सबसे अधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 36 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली।
आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। जनहानि और पशुधन हानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
आंधी-तूफान से जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के सुधार और बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, सतत निगरानी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि आपदा की कठिन घड़ी में संवेदनशील शासन और त्वरित राहत व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन सकती है।

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