छत्तीसगढ़राज्य

धड़क उठा मासूमों का दिल- ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ ने नारायणपुर के तीन नौनिहालों को दिया नया जीवन

Hearts of the innocent stirred—‘Project Dhadkan’ gave a new lease of life to three young children from Narayanpur.

रायपुर: प्रोजेक्ट धड़कन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बच्चों के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है। इसके तहत 1 से 18 वर्ष तक के बच्चों में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान कर, सत्य साई हॉस्पिटल जैसे विशिष्ट संस्थानों में उनका निःशुल्क उपचार (और सर्जरी) कराया जाता है। ​छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्र नारायणपुर से आई एक बेहद सुखद और मानवीय संवेदनाओं से भरी खबर ने यह साबित कर दिया है कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो स्वास्थ्य सुविधाएं समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक भी पहुंच सकती हैं।
जिला प्रशासन नारायणपुर की अनूठी पहल ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ और आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) के साझा प्रयासों से आज तीन मासूम बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे इन बच्चों को रायपुर के प्रतिष्ठित सत्य साईं हॉस्पिटल में नया जीवन मिला है, वह भी पूरी तरह निःशुल्क। ​अक्सर पहुंचविहीन और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जागरूकता या संसाधनों की कमी के कारण बच्चों में जन्मजात हृदय रोग (Congenital Heart Disease) की पहचान समय पर नहीं हो पाती।
इसी गंभीर चुनौती को देखते हुए नारायणपुर जिला प्रशासन ने 23 फरवरी 2026 को ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की शुरुआत की। ​इसका मुख्य उद्देश्य जिले के कोने-कोने में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करना और गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज मुहैया कराना है। आरबीएसके की टीमों ने मैदानी स्तर पर उतरकर जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के तहत अब तक 6,224 बच्चों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
जांच अभियान के दौरान टीम को तीन ऐसे मासूम मिले, जिनके दिल में गंभीर समस्या थी। समय रहते की गई इस पहचान ने इन बच्चों के लिए संजीवनी का काम किया।​ पारुल दुग्गा उम्र 1.5 वर्ष,​ नायशा उम्र 3 वर्ष और ​अनुष्का मंडावी उम्र 5 वर्ष ​इन तीनों बच्चियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आरबीएसके टीम ने त्वरित कार्रवाई की। प्राथमिक जांच और परामर्श के बाद इन्हें तत्काल सत्य साईं हॉस्पिटल, रायपुर रेफर किया गया। यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तीनों बच्चियों का सफल और पूर्णतः निःशुल्क हृदय ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद तीनों बच्चियां अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। उनके माता-पिता की आंखों में अब आंसुओं की जगह अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य की खुशी और संतोष साफ देखा जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ का यह अभियान थमा नहीं है। बच्चों की स्क्रीनिंग और नियमित जांच का काम लगातार जारी है ताकि भविष्य में भी किसी भी बच्चे को इलाज के अभाव में दम न तोड़ना पड़े। यह सफलता समय पर स्क्रीनिंग, सटीक रेफरल और संवेदनशील प्रशासन के बीच बेहतरीन तालमेल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की नियमित जांच जरूर कराएं। यदि बच्चों में खेलने या सामान्य गतिविधि के दौरान सांस फूलना,बहुत जल्दी थक जाना,उम्र के हिसाब से वजन न बढ़ना या कम बढ़ना और बार-बार बीमार पड़ना या सर्दी-खांसी होना लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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