छत्तीसगढ़राज्य

नीट-2026 में एकलव्य विद्यालय छोटे मुड़पार के तीन विद्यार्थियों ने रचा सफलता का इतिहास

Three students from Eklavya Vidyalaya, Chhote Mudpar, scripted a success story in NEET-2026.

रायपुर। 28 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे सम्मानितरायगढ़ जिले के विकासखंड खरसिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छोटे मुड़पार के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने नीट-2026 में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर जिले, विद्यालय और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। इस उपलब्धि के लिए राजू राठिया, धेनु राठिया और डिगेंद्र राठिया को 28 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में आयोजित भेंट-संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सम्मानित करेंगे।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति, नई दिल्ली द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराना है। इन विद्यालयों में नियमित शिक्षा के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं।
इसी व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम रायगढ़ जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छोटे मुड़पार में देखने को मिला है। विद्यालय के छात्र राजू राठिया ने नीट-2026 में 720 में से 405 अंक, धेनु राठिया ने 375 अंक तथा डिगेंद्र राठिया ने 374 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है।
सीमित संसाधनों और ग्रामीण-आदिवासी परिवेश से आने वाले इन विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह मुकाम28 जुलाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे सम्मानित हासिल किया है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और अनुकूल अवसर मिलें, तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री निवास में होगा भेंट-संवाद
नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों के सम्मान एवं उत्साहवर्धन के लिए 28 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में विशेष भेंट-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तीनों विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित करेंगे। यह सम्मान न केवल इन विद्यार्थियों के लिए गौरव का क्षण होगा, बल्कि विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने तीनों विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे ने भी उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी हैं।
विद्यालय के प्राचार्य अरुण कुमार सिंह, वरिष्ठ पीजीटी जवाहरलाल सिन्हा सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों की उपलब्धि को विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
आदिवासी अंचल के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
राजू, धेनु और डिगेंद्र की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसरों के विस्तार का सशक्त उदाहरण है। तीनों विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन की मोहताज होती है। उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास प्रदान करेगी।

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