छत्तीसगढ़राज्य

क्षीरपानी जलाशय में फंसे ग्रामीणों का रेस्क्यू, भोंदा पुल पर भी परखी गई बचाव व्यवस्था

Villagers stranded at Kshirpani Reservoir rescued; rescue preparedness also assessed at Bhonda Bridge.

रायपुर: कवर्धा जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज बोड़ला विकासखंड के क्षीरपानी जलाशय एवं ग्राम भोंदा पुल के समीप मॉकड्रिल आयोजित किया गया। मॉकड्रिल के दौरान अत्यधिक बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने, जलाशय के ओवरफ्लो होने तथा ग्रामीणों के गहरे पानी में फंसने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर मॉकड्रील किया गया। इस दौरान राज्य से टीम भी वीड़ियों कांन्फ्रेस के माध्यम से जुड़ी रही।
मॉकड्रिल के तहत मैकल पर्वतीय क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण क्षीरपानी जलाशय के अधिकतम जलभराव क्षमता तक पहुंचने और ओवरफ्लो की स्थिति निर्मित होने की सूचना दी गई। इस दौरान चार ग्रामीणों के जलाशय के गहरे पानी में फंसने तथा तारेगांव जंगल मार्ग पर ग्राम भोंदा के समीप पुल बाढ़ के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। पुल क्षतिग्रस्त होने से आसपास के कई गांवों का संपर्क बाधित होने की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। स्थिति की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों द्वारा जिला बाढ़ कंट्रोल कक्ष को सूचना देने और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अपर कलेक्टर रामप्रसाद आँचला ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिला बाढ़ आपदा एवं प्रबंधन टीम में शामिल नगर सेना एवं एनडीआरएफ की संयुक्त टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया। सुबह 10 बजे संयुक्त दल क्षीरपानी जलाशय पहुंचा और राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया।
मॉकड्रिल के दौरान नगर सेना, एनडीआरएफ के विशेषज्ञ जवानों, जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों की रैपिड एक्शन टीमों ने आपसी समन्वय के साथ राहत-बचाव कार्यों का अभ्यास किया। जलाशय में फंसे चार ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने तथा ग्राम भोंदा में क्षतिग्रस्त पुल के दूसरी ओर अलग-थलग हुए ग्रामीणों तक वैकल्पिक पुल बनाकर बाहर निकालने, आवश्यक सहायता पहुंचाने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आपदा की स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव दल की तैनाती, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मॉकड्रिल के दौरान बोड़ला एडीएम आशुतोष शर्मा, तहसीलदार हुलेश्वर पटेल सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों द्वारा आपदा के दौरान अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप की जाने वाली कार्रवाई का भी अभ्यास किया गया।

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