छत्तीसगढ़राज्य

पोटाकेबिन पहुंचकर कलेक्टर अमित कुमार ने संभाली कमान, छात्राओं के स्वास्थ्य का लिया जायजा

Upon reaching the porta-cabin, Collector Amit Kumar took charge and assessed the health of the female students.

सुकमा: पोलमपल्ली स्थित कन्या आवासीय पोटाकेबिन विद्यालय में छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ मोर्चा संभाला, वह प्रशासनिक जिम्मेदारी और मानवीय सरोकार की मिसाल बनकर सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमित कुमार स्वयं विद्यालय पहुंचे और छात्राओं के बेहतर उपचार, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की सीधे निगरानी की। उनके मौके पर पहुंचने से प्रशासनिक अमले में भी तेजी आई और छात्राओं को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
कलेक्टर अमित कुमार ने औपचारिक निरीक्षण तक सीमित रहने के बजाय छात्राओं के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं को अभिभावक की तरह सुना। छात्राओं ने भी उनसे खुलकर अपनी बातें साझा कीं और आवश्यक सुविधाओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य और सुविधाओं से जुड़ी प्रत्येक समस्या का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाएगा। उनके इस संवेदनशील व्यवहार से छात्राओं का मनोबल बढ़ा और अभिभावकों में भी प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ।
प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उल्टी, दस्त और बुखार से पीड़ित छात्राओं को तत्काल दोरनापाल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। बेहतर उपचार के बाद कई छात्राएं स्वस्थ होकर विद्यालय लौट चुकी हैं, जबकि एक छात्रा का सुकमा जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है। वहीं करीब 350 छात्राओं वाले आवासीय परिसर में एहतियातन व्यापक स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर सभी बच्चों की मेडिकल जांच की जा रही है। कलेक्टर ने स्वयं परिसर का सघन निरीक्षण कर साफ-सफाई, पेयजल, भोजन की गुणवत्ता और फर्स्ट एड किट में आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता की भी जांच की।
मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे, इसके लिए प्रशासन ने एसडीएम सुभाष शुक्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, मौके पर वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी और छात्राओं के प्रति संवेदनशील रवैये ने यह स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सजग एवं प्रतिबद्ध है। समय पर चिकित्सा सुविधा, लगातार स्वास्थ्य निगरानी और कलेक्टर के सीधे हस्तक्षेप से विद्यालय का वातावरण अब शांत और सुरक्षित है। इस दौरान एसडीएम सुभाष शुक्ला, तहसीलदार योपेंद्र पात्रे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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