नई दिल्ली। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ अमेरिका के टकराव को पूर्ण युद्ध के बजाय रुक-रुक कर होने वाला “सैन्य संघर्ष” बताया है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर वॉशिंगटन का नियंत्रण है और उसने तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है। ट्रंप ने यह बात तब कही, जब उनसे पूछा गया कि ईरान पर दोबारा हमले शुरू होने के बावजूद, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इस टकराव को ‘युद्ध’ मानने से इनकार क्यों किया।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “देखिए, मैं आपको बताता हूं, बहुत से लोग इसे युद्ध नहीं कहते। मैं इसे मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट (सैन्य टकराव) कहता हूं, क्योंकि हमारे लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं है।” राष्ट्रपति ने कहा कि इस टकराव में 18 अमेरिकी सैनिकों की जान गई, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान में हुए लंबे अमेरिकी युद्धों से नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, “मैं कहूंगा कि यह रुक-रुक कर होने वाली घटना है। आप जानते हैं, हम बीच-बीच में हमले करते रहते हैं। हम अभी लड़ाई नहीं कर रहे हैं। कोई लड़ाई नहीं चल रही है।” वहीं जब अमेरिकी सैनिकों की मौत वाले टकराव को “छोटी-मोटी बात” कहने पर सवाल उठाया गया, तो ट्रंप ने पांच महीने चले इस ऑपरेशन का बचाव किया। उन्होंने कहा, “ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। हमने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया है।”
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ‘पिकएक्स’ नाम की जगह पर फिर से कोई गतिविधि दिखी, तो अमेरिका वहां एक और हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम बहुत जल्द ‘पिकएक्स’ पर हमला कर सकते हैं, अगर वहां कुछ भी हो रहा होगा। अमेरिका ईरान में हो रही गतिविधियों पर नजर रख रहा है। अगर कुछ भी गलत होता है, तो हम उन पर हमला करेंगे। हम उन पर ज़ोरदार हमला करेंगे।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ईरान के रडार, विमान और अन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी माइनस्वीपर्स ने इस रणनीतिक जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटा दी हैं और वहां से तेल की खेप गुजर रही है। उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है और हमारा नियंत्रण बहुत मजबूत है।”
ट्रंप ने मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में कहा, “हमने वेनेजुएला पर कब्जा कर लिया और असल में ईरान पर भी कब्जा कर लिया है।” उन्होंने कहा कि हालिया अमेरिकी हमलों के बाद कई दिनों से कोई गोलीबारी नहीं हुई है और दावा किया कि अगर वॉशिंगटन तुरंत ऑपरेशन खत्म कर दे, तो ईरान को फिर से खड़ा होने में 25 साल लगेंगे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं चाहता हूं कि मैं यहां से हट जाऊं ताकि अगले राष्ट्रपति को इसकी चिंता न करनी पड़े।” उन्होंने टकराव खत्म करने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई। चीन और ईरान के रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दखल न देने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा, “मैंने राष्ट्रपति शी से कहा कि कृपया इसमें शामिल न हों। वे असल में शामिल नहीं हैं, चीन की बहुत कम भागीदारी है।”
ट्रंप ने बताया कि चीन को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से बड़ी मात्रा में तेल की सप्लाई मिलती है। पाइपलाइन और सीरिया से होकर जाने वाला जमीनी रास्ता इस रणनीतिक रास्ते के विकल्प बना रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य अब वैसा नहीं रहा जैसा पहले हुआ करता था। अब पूरे मध्य पूर्व में पाइपलाइन बनाई जा रही हैं, इसलिए उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर जाने की जरूरत नहीं है।




