छत्तीसगढ़राज्य

किसानों, दिव्यांगों और विद्यार्थियों को मिला लाभ, गुरेदा शिविर में जनकल्याण योजनाओं की सौगात

Farmers, Persons with Disabilities, and Students Benefit: A Bounty of Public Welfare Schemes at the Gureda Camp

रायपुर,20 मई 2026 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम गुरेदा में आयोजित शिविर आमजन के लिए राहत, विश्वास और संवेदनशील प्रशासन का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया। ग्राम गुरेदा सहित क्लस्टर के 17 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लिया। शिविर में प्राप्त 1386 आवेदनों में से 1210 आवेदनों का मौके पर निराकरण कर आमजन को त्वरित राहत प्रदान की गई।
शिविर में जनपद अध्यक्ष पुरूषोत्तम चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष नीतिश मोंटी यादव, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ग्राम गुरेदा पहुंचने पर ग्रामीणों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, किसानों को डिजिटल किसान कार्ड तथा स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख वितरित किए गए। दिव्यांग हितग्राहियों को बैटरी चालित ट्रायसायकल, छड़ी एवं श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। किसानों को उन्नत कृषि बीज तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास पूर्णता प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
शिविर में मत्स्य पालक किसानों को मछली जाल एवं आईस बॉक्स प्रदान किए गए, वहीं स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने जिले में जल संरक्षण के लिए संचालित “नीर चेतना अभियान” की सराहना करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को जल की प्रत्येक बूंद के संरक्षण एवं संवर्धन की शपथ दिलाई। साथ ही बाल विवाह को सामाजिक अभिशाप बताते हुए इसके रोकथाम में सामूहिक सहभागिता का आह्वान किया।
शिविर के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आमजन की समस्याओं के संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए। अतिथियों ने नन्हें बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार सम्पन्न कराया तथा गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट भेंट कर गोदभराई की रस्म भी निभाई।
जनपद अध्यक्ष पुरूषोत्तम चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की। जनपद उपाध्यक्ष नीतिश मोंटी यादव ने भी शिविर की सराहना करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

 

 

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