छत्तीसगढ़राज्य

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर तेंदूपत्ता गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़

Security arrangements at Tendu leaf warehouses have been strengthened under the directives of Forest Minister Kedar Kashyap.

रायपुर, 28 मई 2026 वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिला प्रशासन तेंदूपत्ता गोदामों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। बीजापुर जिले में हुई आगजनी की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को कलेक्टर अमित कुमार और वन मंडलाधिकारी अक्षय दिनकर भोसले सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले के तेंदूपत्ता गोदामों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उच्च स्तरीय निरीक्षण दल में पुलिस अधीक्षक किरण चौहान, जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर सहित प्रशासन, वन, पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने गोदामों का बारीकी से निरीक्षण कर वहां मौजूद सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गोदामों में लगाए गए फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, अग्निशमन उपकरणों और आपातकालीन सुरक्षा संसाधनों की जांच की। संबंधित प्रबंधकों को निर्देश दिए गए कि सभी अग्निशमन उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रहें, पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीजापुर की घटना को देखते हुए प्रशासन ने सभी तेंदूपत्ता गोदामों में 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा गार्डों को लगातार सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना प्रशासन को देने के लिए कहा गया है।
वनोपज संपदा की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता
तेंदूपत्ता जिले की महत्वपूर्ण वनोपज संपदा है, जो स्थानीय ग्रामीणों और संग्राहकों की आजीविका से जुड़ी हुई है। इसे सुरक्षित रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुकमा जिला प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई सुरक्षा के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाती है। समय रहते किए जा रहे निरीक्षण और सुरक्षा उपाय यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले की वनोपज संपदा सुरक्षित रहे तथा तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य सुचारु रूप से संचालित होता रहे।

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