छत्तीसगढ़राज्य

नैनो यूरिया ने बदली खेती की तस्वीर

Nano Urea has transformed the face of farming.

रायपुर, 12 जून 2026 बदलते दौर में खेती भी तेजी से आधुनिक हो रही है और बालोद जिले के किसान इस बदलाव को अपनाने में पीछे नहीं हैं। बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखंड के वनांचल ग्राम कोडेकसा के प्रगतिशील किसान हीराराम चुरगियां इसकी एक मिसाल हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को अपनाकर अपनी खेती को नई दिशा दी है।
लगभग पांच एकड़ भूमि पर खेती करने वाले हीराराम पिछले चार से पांच वर्षों से नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कृषि विभाग से मिली जानकारी और तकनीकी सलाह के बाद उन्होंने पारंपरिक दानेदार यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया का प्रयोग शुरू किया। इसके परिणाम उम्मीद से कहीं बेहतर रहे।
हीराराम बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से खेती की लागत में कमी आई है। भारी-भरकम खाद की बोरियों को ढोने और उनके प्रबंधन की परेशानी खत्म हो गई है। फसलों की बढ़वार बेहतर हुई है और धान की फसल पूरे मौसम में हरी-भरी बनी रहती है। उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही फसलों में कीट एवं रोगों का प्रकोप भी पहले की तुलना में काफी कम हुआ है।
उनकी सफलता का असर अब आसपास के गांवों में भी दिखाई दे रहा है। कोडेकसा सहकारी समिति क्षेत्र सहित आसपास के किसान भी नैनो उर्वरक खरीद रहे हैं। हीराराम का मानना है कि वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं।

 

 

 

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