छत्तीसगढ़राज्य

अब क्यूआर कोड से मिलेगी जब्त सामान की पूरी जानकारी, कांकेर पुलिस की नई पहल

Full details of seized goods now available via QR code; a new initiative by Kanker Police.

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने कांकेर सिटी कोतवाली थाने में ई-मालखाना का शुभारंभ किया। उन्होंने इस मौके पर जिला पुलिस को प्राप्त एक नवीन बस सहित चार वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कांकेर सिटी कोतवाली में स्थापित ई-मालखाना क्यूआर कोड आधारित प्रदेश का पहला थाना है, जहां डिजिटल ट्रैकिंग प्रबंधन प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिकीकरण और सुव्यवस्थित ढंग से सरलीकृत किया गया है। उप मुख्यमंत्री साव ने ई-मालखाना के शुभारंभ के बाद जब्तशुदा सामानों की ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने जिला पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बेहतर व्यवस्था बताया।
उप मुख्यमंत्री को पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि ई-मालखाना प्रणाली एक आधुनिक डिजिटल प्रबंधन व्यवस्था है, जिसके माध्यम से अपराध के दौरान विभिन्न प्रकरणों में जब्त की गई संपत्तियों एवं दस्तावेजों का सुरक्षित, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य जब्त संपत्ति के रखरखाव को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं जवाबदेह बनाना है, ताकि विवेचना एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक सामग्री को शीघ्रता से खोजकर प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि ई-मालखाना में जब्त किए गए वाहन, मोबाइल फोन, नकदी, हथियार, आभूषण, एनडीपीएस प्रकरणों से संबंधित सामग्री तथा अन्य केस प्रॉपर्टी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाता है, जिससे प्रत्येक वस्तु का सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित डेटा उपलब्ध रहता है।
उल्लेखनीय है कि जिला पुलिस कांकेर द्वारा अपराध के दौरान जब्तशुदा हथियारों, उपकरणों व सामानों के रखरखाव की प्रबंधन प्रणाली को पारदर्शी, आधुनिकीकृत और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ई-मालखाना शुरू किया गया है, जिसमें संपूर्ण रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। प्रत्येक बॉक्स के लिए क्यूआर कोड जनरेट किया गया है। बॉक्स में चस्पा क्यूआर कोड को स्कैन करते ही अपराध प्रकरण का विवरण, बॉक्स में बंद जब्त सामान की जानकारी संख्या और तिथि सहित मिल जाती है।
साथ ही जब्त सामान या उपकरण जैसे मोबाइल, नकदी, हथियार, आभूषण, मादक द्रव्य, प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट्स आदि का डिजिटल रिकॉर्ड क्यूआर कोड की स्कैनिंग से आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इससे डिजिटल अभिलेख और पेपरलेस वर्क भी आसान तरीके से मुहैया हो जाएगा।
प्रदेश में क्यूआर कोड के जरिए मालखाने के डिजिटाइजेशन का कार्य कांकेर पुलिस द्वारा प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के थानों में अब तक बार कोड स्कैनर की सुविधा थी, लेकिन क्यूआर कोड से डिजिटल मालखाना प्रबंधन प्रणाली पहली बार लागू की गई है।
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिस जवानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। सांसद भोजराज नाग, विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत की अध्यक्ष किरण नरेटी तथा कांकेर नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव, सतीश लाटिया, महेश जैन, आलोक ठाकुर, पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल और जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी सहित गृह विभाग के अधिकारी और गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

 

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