छत्तीसगढ़राज्य

बरसों की राह हुई आसान- पुलिया बनने से धनगोल को मिली नई पहचान

Years of arduous travel made easy—Dhangol gains a new identity with the construction of the culvert.

रायपुर: बीजापुर जिले के ग्राम पंचायत अंगमपल्ली के आश्रित ग्राम धनगोल के ग्रामीणों को वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या से राहत मिल गई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और विशेष केंद्रीय सहायता (एससीए) के अभिसरण से 6 मीटर लंबी पुलिया का निर्माण किया गया है। इसके बनने से अब बारिश के मौसम में भी गांव का मुख्यालय से संपर्क नहीं टूटेगा और लोगों को सालभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी।
बरसात के दिनों में मार्ग पर पानी भर जाने से धनगोल का संपर्क मुख्यालय से कट जाता था। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की उपज का परिवहन, मरीजों के उपचार और ग्रामीणों के दैनिक कार्य प्रभावित होते थे। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों की आवश्यकता को देखते हुए मनरेगा और विशेष केंद्रीय सहायता के अभिसरण से 6 मीटर पुलिया का निर्माण कराया गया। इस कार्य की कुल स्वीकृत लागत 17.63 लाख रुपये है। इसमें मनरेगा से 7.63 लाख रुपये तथा विशेष केंद्रीय सहायता से 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई। पुलिया का निर्माण कार्य 2 जनवरी 2026 से शुरू किया गया।
यह परियोजना केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का भी माध्यम बनी। निर्माण कार्य के दौरान 18 जॉब कार्डधारी परिवारों के 94 श्रमिकों को रोजगार मिला। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई और उन्हें अपने गांव में ही काम करने का अवसर मिला।
पुलिया बनने के बाद अब धनगोल के ग्रामीण वर्षभर बिना किसी बाधा के आवागमन कर सकेंगे। विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में सुविधा मिलेगी, किसान अपनी उपज आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे और जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इससे ग्रामीणों के दैनिक जीवन में भी काफी आसानी आएगी।
धनगोल की यह पुलिया ग्रामीण विकास की एक सफल मिसाल बनकर सामने आई है। शासकीय योजनाओं के प्रभावी अभिसरण से बनी यह परियोजना न केवल आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत कर रही है, बल्कि रोजगार सृजन, बेहतर आवागमन और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार का भी सशक्त उदाहरण बन गई है।

 

 

 

 

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