छत्तीसगढ़राज्य

वन विभाग की मदद से बदली बीजापुर के युवाओं की जिंदगी

Lives of Bijapur's youth transformed with the help of the Forest Department.

रायपुर: छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वनांचल क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसी कड़ी में बीजापुर वनमंडल की एक बेहतरीन पहल सामने आई है, जिसने पुनर्वासित युवाओं और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा ला दिया है। वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई 17 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से चार युवाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की एक नई शुरुआत की है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वनमंडल बीजापुर ने यह अनूठी पहल की है। विभाग ने वन प्रबंधन समितियों के खातों में जमा लाभांश और चक्रीय निधि (रिवॉल्विंग फंड) का सदुपयोग करते हुए चार हितग्राहियों को कुल 17 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया है, ताकि वे सम्मानजनक आजीविका हासिल कर सकें।
वन विभाग ने पामेड़ और आवापल्ली परिक्षेत्र के चार ग्रामीणों को उनकी जरूरत के अनुसार आर्थिक मदद दी है। तीन हितग्राहियों को किराना दुकान शुरू करने के लिए क्रमशः 2 लाख रुपये, 3 लाख रुपये और 2 लाख रुपये का ऋण दिया गया। एक हितग्राही को ट्रैक्टर, ट्रॉली और डोजर खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
इस योजना का सीधा लाभ उठाने वाले भाग्यशाली हितग्राहियों में दिलीप बीराबोईन (कोतापल्ली), दिनेश कुमार कचलम (मुरदोंडा),जोशिला भगत (कोतापल्ली), नागुल सत्यनारायण (आवापल्ली) शामिल हैं। आर्थिक मदद मिलते ही इन सभी ने अपने कदम स्वरोजगार की ओर बढ़ा दिए हैं। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता का एक नया उदाहरण भी पेश कर रहे हैं।
यह पहल केवल लोन बांटने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं और सुदूर वनांचल के ग्रामीणों को एक सम्मानजनक जीवन देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इससे क्षेत्र में शांति, आपसी विश्वास और समावेशी विकास को और मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में भी ऐसे पात्र हितग्राहियों को आजीविका से जुड़ी योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का काम जारी रहेगा।

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