छत्तीसगढ़राज्य

14 सितंबर से सुर, ताल और घुंघरुओं की झंकार से गूंजेगा 41 वें चक्रधर समारोह का मंच

From September 14, the stage of the 41st Chakradhar Samaroh will resonate with melodies, rhythms, and the jingle of *ghungroos*.

रायपुर: रायगढ़ जिले की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक 41वें चक्रधर समारोह-2026 इस वर्ष 14 से 23 सितंबर 2026 तक स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित होगा। दस दिवसीय इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन को भव्य, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलाकार चयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर एवं चक्रधर समारोह आयोजन समिति के अध्यक्ष मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कलाकारों के चयन, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा आयोजन की प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि चक्रधर समारोह केवल शास्त्रीय कला का मंच नहीं, बल्कि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस वर्ष आयोजन में स्थानीय कलाकारों, नवोदित प्रतिभाओं तथा छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं लोक संस्कृति को विशेष स्थान दिया जाए, ताकि क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत का प्रभावी प्रदर्शन हो सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ-साथ रायगढ़ और प्रदेश के लोक कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं तथा स्थानीय प्रतिभाओं की प्रस्तुति समारोह का विशेष आकर्षण होगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी। समारोह के दौरान शास्त्रीय गायन, वादन, नृत्य, लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संतुलित कार्यक्रम तैयार करने पर समिति ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। विशेषज्ञों ने कार्यक्रमों की समय-सारिणी, प्रस्तुति की गुणवत्ता तथा दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन्हें आयोजन की अंतिम रूपरेखा में शामिल किया जाएगा।
बैठक में मोती महल रायगढ़ (राज परिवार) से देवेन्द्र प्रताप सिंह एवं उर्वशी देवी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के. संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, प्रो. अम्बिका वर्मा, प्रदेश संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ अनुपम पाल, कलाकार भूपेन्द्र बरेठ तथा प्राचार्य राजेश डेनियल सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में रामलीला मैदान में मंच निर्माण, आकर्षक सज्जा, दर्शक दीर्घा, ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। आयोजन के प्रत्येक पहलू में विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में आयोजन समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष का 41वां चक्रधर समारोह सांस्कृतिक गरिमा, उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और उच्चस्तरीय प्रस्तुतियों के कारण पहले से अधिक भव्य और ऐतिहासिक होगा। राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ स्थानीय एवं छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों की सहभागिता समारोह को नई पहचान देगी तथा रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाएगी।

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