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पेपर लीक के सभी मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठन, केंद्रीय मंत्री बोले- ‘मील का पत्थर साबित होगा पीएम मोदी का निर्णय’

Fast-track courts to be set up for all paper leak cases; Union Minister says PM Modi's decision will prove to be a milestone.

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। पीएम मोदी ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं कि संबंधित विभाग जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा कि पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध पीएम मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “भारत के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में तेजी से सुनवाई के लिए ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फैसला युवाओं को सशक्त बनाने के प्रति उनके मजबूत संकल्प और अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह निर्णायक कदम उन लोगों के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा जो हमारे युवाओं की उम्मीदों और भविष्य को खतरे में डालते हैं।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी। प्रधानमंत्री की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है। पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।”
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य और उनके हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। पेपर लीक जैसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन व दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई का संकल्प हमारी सरकार की संवेदनशीलता और युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष और उसके नेता राहुल गांधी संसद में इस महत्वपूर्ण विषय पर सार्थक चर्चा करने से बचते हुए सड़कों पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जो उनके गैर-जिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत आचरण को दर्शाता है।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के हित और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय दोषियों को शीघ्र और कठोर दंड सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मामलों के मंत्री भूपेंद्र यादव ने पोस्ट किया, “युवा शक्ति का विश्वास और उनके सपनों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे अपराधों पर सख्त प्रहार करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के माध्यम से मामलों के त्वरित निस्तारण तथा दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह पहल उन तत्वों के लिए स्पष्ट संदेश है जो युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य से खिलवाड़ करते हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की दिशा में यह कदम देश के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “फास्ट-ट्रैक कोर्ट अब यह सुनिश्चित करेंगे कि पेपर लीक में शामिल लोगों को सजा मिले। भारत के युवा ही देश की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे युवाओं को एक उज्ज्वल भविष्य मिले और उन्हें अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के अवसर मिलें। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाना जारी रखेंगे और अपने युवाओं व अभिभावकों को भरोसा दिलाते हैं कि हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं। देश के युवाओं के भविष्य के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पोस्ट किया, “विपक्ष में बैठने से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर देश को गुमराह करने का लाइसेंस नहीं मिल जाता। विपक्ष के नेता को क्या यह सत्य नहीं पता है कि कांग्रेस ने ही पेपर लीक की समस्या को पनपाया और इसकी जड़ों को गहरा किया।”
उन्होंने कहा, “राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के दौरान लगातार सामने आए पेपर लीक के प्रकरण इस विफलता की खुली गवाही हैं। कांग्रेस शासित राज्यों की सरकारें युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करती रहीं, जबकि मोदी जी की सरकार ने शोर-शराबे के बजाय कार्रवाई का रास्ता चुना है। कड़े कानून बनाए, व्यवस्था को मजबूत किया और अब फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया है।”
गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने पोस्ट में लिखा, “सवाल पूछने के लिए संसद से बड़ा कोई मंच नहीं है। सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने बहस से भागकर उपद्रव की राजनीति को चुना। ‘भारत के भविष्य’ के साथ राजनीति करने वालों को यह याद रखना चाहिए कि युवाओं को कोरे नारे नहीं, निष्पक्ष परीक्षाएं और न्याय चाहिए।”

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