नई दिल्ली। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बुधवार को वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ किया। ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ विषय के तहत शुरू हुए महीने भर के राष्ट्रव्यापी अभियान में आहार में विविधता, भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, ताजा और गर्म पका भोजन, स्वच्छता तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अभियान को जन आंदोलन का रूप देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी और अग्रिम पंक्ति के सेवा प्रदाताओं की प्रतिबद्धता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर बुनियादी ढांचे और शिक्षण वातावरण के साथ उन्नत और नवीनीकृत कर जीवंत सामुदायिक संस्थानों में बदला गया है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे वास्तविक समय में डेटा प्रविष्टि और डिजिटल निगरानी के जरिए सेवाओं की निगरानी और वितरण को बेहतर बनाने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से जमीनी स्तर पर पोषण सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने पूरक पोषण सेवाओं को मजबूत किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से गर्म पका भोजन और घर ले जाने के लिए राशन उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि पोषण पर किया गया निवेश कभी व्यर्थ नहीं जाता, क्योंकि इसका लाभ स्वस्थ बच्चों, सशक्त परिवारों और मजबूत राष्ट्र के रूप में लंबे समय तक मिलता है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के माध्यम से पोषण परिणामों में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि देश में 14 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र 7.5 करोड़ से अधिक बच्चों, 1.10 करोड़ गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा करीब 16 लाख किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने जीवन के पहले 1000 दिनों को बच्चे के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के रूप में उन्नत कर रही है। इनमें उत्तर प्रदेश के करीब 24 हजार केंद्रों को मंजूरी दी गई है। इन केंद्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे और सेवाओं के माध्यम से बच्चों तथा माताओं को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कार्यान्वयन के दस वर्ष पूरे हो गए हैं। योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिए अब तक देशभर में 4.65 करोड़ से अधिक माताओं को 21 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि योजना मातृ स्वास्थ्य और पोषण परिणामों में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान लोगों को संतुलित और विविध आहार के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, ताजा पका भोजन, स्वच्छता और बच्चों के शुरुआती विकास से जुड़े विषय अभियान के प्रमुख केंद्र में रहेंगे। अन्नपूर्णा देवी ने पोषण संबंधी व्यवहार में स्थायी बदलाव के लिए सामुदायिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
अन्नपूर्णा देवी ने लोगों से 2047 तक सुपोषित भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पोषण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों की सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब परिवार, समुदाय और स्थानीय संस्थाएं इनमें सक्रिय रूप से भागीदारी करें।
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने समुदायों, पंचायती राज संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों और परिवारों से पोषण आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर पोषण और बाल देखभाल सेवाओं को मजबूत करने में इन संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
महिला एवं बाल विकास सचिव अनिल मलिक ने कहा कि पोषण अभियान अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि व्यापक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही को और मजबूत करना होगा। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के संस्थागत और तकनीकी सुदृढ़ीकरण को बेहतर सेवा गुणवत्ता में बदलने पर भी उन्होंने जोर दिया।
कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ से पहले गणमान्य व्यक्तियों ने पोषण मेले का अवलोकन किया। मेले में पोषण केंद्रित नवाचार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थ और आंगनवाड़ी केंद्रों की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में ताजा पका भोजन, घर ले जाने वाले राशन, गृह भ्रमण तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से जुड़े लाभार्थियों के अनुभवों पर वीडियो भी दिखाए गए।
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक किया जाएगा। अभियान के दौरान आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा और गर्म भोजन, आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों एवं पूरक पोषण कार्यक्रम के मेनू बोर्डों के जरिए सामुदायिक स्वामित्व तथा बाल विकास से जुड़े पोषण और प्रारंभिक प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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