छत्तीसगढ़राज्य

पानाबरस महासभा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का संदेश—आदिवासी देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर

Deputy Chief Minister Vijay Sharma's Message at the Panabaras Mahasabha: Tribal Shrines Are Our Invaluable Heritage.

रायपुर,30 मई 2026 मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
महासभा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है।
उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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