छत्तीसगढ़राज्य

ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बना पशुपालन, बकरी पालन से आत्मनिर्भर बने किसान

Animal husbandry has become a powerful means of rural livelihood; farmers have become self-reliant through goat rearing.

रायपुर: ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आजीविका का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर मुंगेली जिले के ग्राम सुरही निवासी रामलाल लकड़ा ने बकरी पालन को अपनी आर्थिक उन्नति का आधार बनाया है। रामलाल लकड़ा ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से बकरी पालन का कार्य कर रहे हैं। शुरुआत कुछ बकरियों से की गई थी, लेकिन निरंतर परिश्रम और बेहतर प्रबंधन के कारण आज उनके पास लगभग 185 बकरियां हैं। बकरी पालन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने में आसानी हो रही है।
रामलाल ने बताया कि बकरी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में निरंतर प्रयास और सही देखभाल से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं और ग्रामीणों से भी कृषि के साथ-साथ पशुपालन को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर बनने का प्रभावी माध्यम है। बकरी पालन ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग किया जाए तो पशुपालन जैसे व्यवसाय भी आर्थिक समृद्धि की नई राह खोल सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button