छत्तीसगढ़राज्य

बीजापुर में विकास की नई राह, पामेड़-रासपल्ली सड़क से आसान हुआ सफर

A new path of development in Bijapur; travel made easier by the Pamed-Raspalli road.

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पामेड़-रासपल्ली क्षेत्र की सड़क ने दशकों से कटी इन सुदूर बस्तियों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। लगभग 50 वर्षों बाद जिला मुख्यालय से पामेड़ का सीधा जुड़ाव हुआ है, जिससे इन दुर्गम इलाकों में पहली बार यात्री बसें चलने लगी हैं। पहले पामेड़ जाने के लिए तेलंगाना (चेरला) होकर लगभग 220 किमी लंबा सफर तय करना पड़ता था। सड़क बहाल होने के बाद से अब आवापल्ली और कुंडापल्ली होते हुए बीजापुर से दूरी मात्र 100 किमी रह गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त और संवेदनशील नेतृत्व में राज्य सरकार दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी दिशा में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड के सुदूर क्षेत्र में निर्मित पामेड़-रासपल्ली सड़क ग्रामीणों के लिए विकास और सुविधा की नई राह बन गई है। वर्ष 2016-17 (बैच-2) में स्वीकृत 10 किलोमीटर लंबी पामेड़-रासपल्ली सड़क का मुरुमीकरण कार्य पूरा हो चुका है। सड़क बनने से लंबे समय से आवागमन की कठिनाईयों का सामना कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
पहले पामेड़ पहुंचने के लिए ग्रामीणों को तेलंगाना के चेरला होते हुए करीब 230 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे ग्रामीणों का समय और धन दोनों अधिक खर्च होते थे। अब पामेड़-रासपल्ली सड़क बनने से यह दूरी घटकर करीब 100 किलोमीटर रह गई है। इससे ग्रामीणों के लिए आवागमन आसान, तेज और सुविधाजनक हो गया है। हाट- बाजार, अस्पताल और स्कूल तक आसान पहुंच
पहले यह मार्ग घने जंगलों के बीच से गुजरने वाली पगडंडी जैसा था। सड़क बनने के बाद आसपास की अंदरूनी बसाहटों के लोगों को हाट-बाजार, ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है। स्कूली बच्चों के लिए भी विद्यालय तक पहुंचना अब अधिक आसान और सुरक्षित हो गया है।
इस सड़क का निर्माण सुरक्षा बलों के सहयोग से चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किया गया। नक्सली गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्र में अनेक कठिनाइयों के बावजूद निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। सड़क बनने से अब क्षेत्र में प्रशासन और विकास कार्यों की पहुंच भी मजबूत हो रही है।
पामेड़-रासपल्ली सड़क के निर्माण से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है। बिजली, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। ग्रामीण अब जिला मुख्यालय और प्रशासनिक तंत्र से बेहतर तरीके से जुड़ रहे हैं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का विशेष जोर प्रदेश के दूरस्थ, आदिवासी और लंबे समय तक विकास से वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने पर है। उनकी संवेदनशील पहल और सशक्त नेतृत्व में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में भी जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। शासन की प्राथमिकता है कि विकास की सुविधाएं समाज के अंतिम व्यक्ति और अंतिम गांव तक पहुंचे। पामेड़-रासपल्ली सड़क इसी बदलाव का जीवंत उदाहरण है। कभी कठिन और जोखिम भरे रास्तों से जुड़ा यह क्षेत्र अब बेहतर आवागमन, सुविधाओं और विकास की नई संभावनाओं से जुड़ रहा है। सड़क ने केवल दूरी कम नहीं की, बल्कि ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शासन की योजनाओं तक पहुंचने का नया रास्ता भी दिया है।

 

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