छत्तीसगढ़राज्य

मकान हादसे में पति को खोने वाली महिला को मिली त्वरित सरकारी सहायता

Woman who lost her husband in a house collapse receives immediate government assistance.

रायपुर: जीवन में कभी-कभी ऐसी अप्रत्याशित विपत्ति आ जाती है जो एक पल में पूरे परिवार को संकट में डाल देती है। बस्तर जिले के बास्तानार विकासखण्ड के ग्राम सागवेल की निवासी चैती के साथ भी ऐसा ही दुःखद हादसा हुआ, जब मकान गिरने की दुर्घटना में उनके पति महरू की असामयिक मृत्यु हो गई। इस हादसे ने जहाँ चैती को गहरे सदमे में धकेल दिया, वहीं परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट भी खड़ा हो गया। विपत्ति की इस घड़ी में बस्तर जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए पीड़ित परिवार को त्वरित राहत और न्याय पहुंचाया है।
हादसे की जानकारी मिलते ही तत्कालीन कलेक्टर के मार्गदर्शन में एसडीएम तोकापाल शंकर लाल सिन्हा स्वयं ग्राम सागवेल पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए राजस्व पुस्तक परिपत्र (6) (4) के तहत पीड़ित परिवार को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार की नकद राशि प्रदान की गई, ताकि वे अपनी तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। वन विभाग की ओर से तुरंत 50 बांस और 30 बल्ली उपलब्ध कराई गईं। मकान क्षति के मुआवजे के रूप में आरबीसी 6-4 के तहत राजस्व विभाग द्वारा अलग से 1 हजार 20 हजार (एक लाख बीस हजार रुपये) स्वीकृत कर प्रदान किए गए।
इसके बाद स्थानीय तहसीलदार और पटवारी ने मौके पर पहुंचकर सभी जरूरी राजस्व औपचारिकताएं और कागजी कार्रवाई तेजी से पूरी की। प्रशासन की त्वरित सजगता के चलते आपदा राहत प्रकरण बहुत ही कम समय में स्वीकृत हो गया और चौती को 4 लाख रूपए (चार लाख रुपये) की आपदा राहत राशि का भुगतान कर दिया गया। इस बड़ी आर्थिक सहायता से विपरीत परिस्थितियों के बीच परिवार को आजीविका चलाने के लिए एक मजबूत संबल मिला है।
प्रभावित ग्रामीण चैती ने कहा कि मकान गिरने से मेरे पति की मृत्यु के बाद मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आगे जीवन कैसे कटेगा। लेकिन प्रशासन ने मेरी पीड़ा को समझा। एसडीएम साहब ने स्वयं घर आकर तुरंत मदद की। मकान क्षति का मुआवजा, वन विभाग से बांस-बल्ली और फिर 4 लाख की सहायता राशि बहुत जल्द मिल गई। संकट के इस समय में संवेदनशील मदद के लिए मैं कलेक्टर साहब और पूरी प्रशासनिक टीम की हृदय से आभारी हूँ।
बस्तर जिला प्रशासन द्वारा संकट के समय दिखाई गई यह तत्परता और संवेदनशीलता यह साबित करती है कि सरकार हर परिस्थिति में अपने नागरिकों के साथ खड़ी है। प्रशासनिक सहयोग की इस त्वरित पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

 

 

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