
नई दिल्ली। जैन धर्म के सबसे पवित्र पर्व संवत्सरी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस पावन दिन पर उन्होंने न केवल बधाई संदेश साझा किए, बल्कि जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए सबकी क्षमा भी मांगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “संवत्सरी हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। इस पवित्र अवसर पर, विनम्रता हमारा मार्गदर्शन करे और दया व सद्भावना हमारे हर काम का आधार बनें। मिच्छामि दुक्कड़म्!”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पर्युषण पर्व और संवत्सरी को याद करते हुए कहा, “आइए हम जाने-अनजाने में अपने विचारों, शब्दों या कार्यों से किसी को भी पहुंचाई गई ठेस के लिए सभी से क्षमा मांगें। सभी को मिच्छामि दुक्कड़म!”
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने संवत्सरी को क्षमा, करुणा और आत्मशुद्धि का संदेश देने वाला पर्व बताते हुए सभी को बधाई दी। उन्होंने कामना की कि यह अवसर जीवन में प्रेम, सद्भाव और आत्मचिंतन की भावना को प्रगाढ़ करे तथा सुख-शांति लाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भगवान महावीर के सत्य, अहिंसा, करुणा, संयम और क्षमा के शाश्वत संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवत्सरी आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि और सदाचार का मार्ग दिखाती है। उन्होंने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए मैत्री, प्रेम और शांति की भावना बढ़ाने की मंगलकामना व्यक्त की।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी समस्त देश और प्रदेशवासियों को संवत्सरी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि महावीर स्वामी के संदेश हमें आत्मचिंतन और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ाते हैं। यह पर्व समाज में प्रेम, शांति और मैत्री की भावना को और मजबूत करे।
संवत्सरी जैन समुदाय के लिए आत्मशुद्धि, क्षमायाचना और नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। नेताओं के इन संदेशों ने एक बार फिर क्षमा और करुणा के महत्व को रेखांकित किया है।




