
बिलासपुर। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर खासकर कैट लवर्स सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। मामला ही कुछ ऐसा है। एक जंगली बिल्ली के हमले का शिकार हुई 65 वर्षीय मातिन कुंवर की मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि रेबीज संक्रमण होने के बावजूद उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाया। परिजनों ने अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और झोलाछाप से उपचार कराया, जिससे उनकी हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उनकी जान चली गई। मृतका ग्राम पंचायत जलके के पनगवां गांव की निवासी थीं।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका मातिन कुंवर ग्राम पंचायत जलके के पनगवां गांव की रहने वाली थीं। करीब 20 से 25 दिन पहले वह रोजमर्रा के काम से जंगल गई थीं, जहां एक जंगली बिल्ली ने अचानक उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके बाएं पैर में गहरा घाव हो गया। घटना के बाद परिजनों ने उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही झाड़-फूंक और एक झोलाछाप के भरोसे इलाज कराना शुरू कर दिया।




