छत्तीसगढ़राज्य

रिश्वत लेते पकड़ा गया BEO दफ्तर का कर्मचारी, विभाग ने किया सस्पेंड

BEO Office Employee Caught Accepting Bribe; Department Suspends Him

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आरोपी को ACB ने 40,000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के बाद विभाग ने उसे निलंबित कर दिया और मुख्यालय कटघोरा निर्धारित किया गया है। मामले की आगे विभागीय और कानूनी जांच जारी है।
कार्यालय उप पुलिस अधीक्षक, एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) बिलासपुर के अनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत दर्ज अपराध क्रमांक 0/2026 में यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी प्रदीप मिश्रा, सहायक ग्रेड-02, को प्रार्थी अमृत बघेल से 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
ACB टीम ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बाद में उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विभाग ने इस कार्रवाई को गंभीर मानते हुए आगे की जांच तेज कर दी है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आचरण नियमों के उल्लंघन पर तत्काल निलंबन
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए यह माना गया कि आरोपी का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत है। इसके बाद प्रदीप मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभाग ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
निलंबन अवधि में कटघोरा मुख्यालय तय
निलंबन आदेश के अनुसार, आरोपी कर्मचारी का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस अवधि में वह संबंधित कार्यालय की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा और विभागीय जांच पूरी होने तक उसे सेवा नियमों के अनुसार कार्यवाही का पालन करना होगा।

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