
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बीते 30 दिनों के दौरान 25 कोबरा का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है। इस दौरान रेस्क्यू के समय सांपों का फुफकारना और डंसने की कोशिश करना आम बात होती है, क्योंकि वह खतरा महसूस करता है।
इन दिनों शहर में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में कोबरा ठंडी जगहों की तलाश में बिलों से बाहर निकलने लगते हैं। कई बार वे मुर्गियों के अंडों के पास या अन्य ठंडी जगहों में कुंडली मारकर बैठे हुए नजर आते हैं। ऐसी स्थिति में सर्परक्षक समिति ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है।
समिति के मुताबिक शहर में पिछले करीब 10 सालों से सांपों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसका स्पष्ट अंदाजा तब लगा, जब व्यवस्थित रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
एक्सपर्ट्स का कहना है हर मौसम में अलग-अलग प्रजाति के सांप अधिक एक्टिव होते हैं, लेकिन वर्तमान समय भारतीय कोबरा का है। गर्मी बढ़ने पर ये अपने बिलों से निकलकर ठंडी और सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भटकते हैं।
सर्परक्षक समिति के मुताबिक जिले के अलग-अलग इलाकों से लगातार रेस्क्यू कॉल आ रहे हैं। हाल ही में एक सरकारी स्कूल में नाग सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, वहीं रविवार को फॉरेस्ट कॉलोनी में नागों का जोड़ा देखा गया।
समिति के सदस्यों ने बताया कि रोजाना औसतन 8 से 10 रेस्क्यू कॉल मिल रहे हैं, जिनमें से 4 से 5 कॉल सिर्फ कोबरा से जुड़े होते हैं।


