छत्तीसगढ़राज्य

गरियाबंद के वनांचल में सौर ऊर्जा और हैंडपंपों से जल आपूर्ति सुदृढ़

Solar energy and hand pumps strengthen water supply in the forest region of Gariaband.

रायपुर 12 मई 2026’क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में पेयजल हेतु पुख्ता इंतजाम’मुख्यमंत्री के ‘जल जीवन मिशन’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) गरियाबंद द्वारा जिले के वनांचल क्षेत्रों में पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मैनपुर विकासखंड के सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, विभाग द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा (सोलर पंप) और हैंडपंप ग्रामीणों के लिए जीवनधारा साबित हो रहे हैं।
गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के ग्राम तारझर के तीन बसाहटों में से नया तारझर में 01 हैंडपंप एवं 01 सोलर पंप पूरी क्षमता के साथ संचालित हैं, जिससे ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण शुद्ध जल प्राप्त हो रहा है। वहीं कुर्वापानी बसाहट में भी स्थापित 01 हैंडपंप के माध्यम से सुचारु जल प्रदाय जारी है। इसी तरह ग्राम मठाल (राजाडेरा) जैसे मैदानी क्षेत्र में 01हैंडपंप की व्यवस्था की गई है, जिससे भीषण गर्मी में भी जल स्तर की समस्या नहीं आती और निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध रहता है। ग्राम भालूडिग्गी के निचले क्षेत्र में हैंडपंप के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
क्षेत्र के कई हिस्सों में सोलर पंपों की स्थापना एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है। इससे बिजली की उपलब्धता या तकनीकी खराबी जैसी समस्याओं का समाधान हो गया है। सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण इन पंपों से दिनभर पानी की टंकी भरती रहती है, जिससे ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
ज्ञात हो कि मैनपुर के कुछ क्षेत्र जैसे ऊपरी तारझर, मठाल और भालूडिग्गी का शिखर भाग अत्यंत दुर्गम और सीधी पहाड़ी पर स्थित है। यह क्षेत्र टाईगर रिजर्व के अंतर्गत आता है। शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन ऊंचाइयों पर रहने वाले परिवारों के बेहतर जीवन स्तर के लिए पहाड़ के नीचे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, ताकि उन्हें शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें।
गुणवत्ता और शुद्धता पर जोर देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड, गरियाबंद द्वारा समय-समय पर जल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच की जाती है। विभाग का लक्ष्य केवल पानी पहुँचाना ही नहीं, बल्कि हर घर शुद्ध जल पहुँचाना है। वर्तमान में इन सभी बसाहटों में स्थापित स्रोत पूरी तरह क्रियाशील हैं और ग्रीष्म ऋतु की चुनौतियों के बीच ग्रामीणों की सेवा कर रहे हैं।

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